राज्य सरकार आमजन को बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं मुहैया कराने के चाहे लाख दावे कर रही हो, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। राजस्थान में कई दफा ऐसी घटनाएं देखने को मिल जाती है, जो सरकार के दावों की पोल खोल देती है। ऐसा ही एक मामला नागौर के सरकारी पीएचसी में सामने आया है। वायरल हुए एक वीडियो में धरती के ‘भगवान’ कहे जाने वाले डॉक्टर एक व्यक्ति से डिलीवरी की एवज में 2 हजार रु की घूस मांगते हुए नजर आ रहा है। सरकार एक तरफ लोगों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के खोखले दावे कर रही है और वहीं दूसरी तरफ सरकारी पीएचसी में सरेआम डॉक्टर घूस मांग रहा है।

दरअसल परबतसर क्षेत्र की बागोट पीएचसी के एक सरकारी चिकित्सक का वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वह महिला के प्रसव व इलाज के नाम पर परिजनों से 2 हजार रु की रिश्वत की मांग करता हुआ नजर आ रहा है। आरोपी डॉक्टर का नाम हरिवंद्र है जिसे हाल ही में गणतंत्र दिवस पर उत्कृष्ट कार्य के लिए जिला कलेक्टर ने सम्मानित भी किया था। वीडियो वायरल होने के बाद आरोपी चिकित्सक ने रिश्वत लेने से इंकार किया है। इस मामले में प्रसूता के रिश्तेदार किटिया गांव निवासी चैनाराम चौधरी ने परबतसर उपखंंड अधिकारी को शिकायत भी दर्ज कराई है।

ये वायरल वीडियो प्रदेश में चिकित्सा व्यवस्था की बदइंतजामी को दिखाता है। सरकार जहां एक ओर निःशुल्क इलाज देने का बखान कर रही है वहीं ये घटना सरकार की हकीकत जनता के सामने ला रही है। उल्लेखनीय है कि वसुंधरा सरकार की भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने से मरीजों को पैसे नहीं देने पड़ते थे वहीं इस योजना के बंद होने के बाद से मरीजों से मनमाने पैसे वसूले जा रहे हैं। चिकित्सा केन्द्रों में खुलेआम चल रही रिश्वतखोरी तथा सरकारी डॉक्टरों के साथ नर्स व अन्य स्टाफ की मिलीभगत दिखाती है कि चिकित्सा मंत्री का स्वास्थ्य विभाग पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं है।

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