जयपुर। राजस्थान में बीते पांच साल के दौरान कांग्रेस सरकार में लाखों युवाओं के सपना के साथ खिलवाड़ हुआ। प्रदेश में अब बीजेपी की सरकार बनाने के लिए पेपर लीक और डी कैंडिडेट्स रोकने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान की सरजमीं पर पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई और राजस्थान को पेपर लीक मुक्त बनाने की गारंटी दी थी। चुनाव जीतने के बाद बीजेपी सरकार ने पेपर लीक के खिलाफ एसआईटी भी गठित कर दी, लेकिन पेपर लीक और डमी कैंडिडेट्स को रोकने की असली चुनौती उन संस्थाओं के सामने हैं जो प्रतियोगिता परीक्षाएं कराती हैं।

नकल रोकने के लिए कर्मचारी चयन बोर्ड ने बनाया प्लान
राजस्थान में बीजेपी सरकार के गठन के बाद अब कर्मचारी चयन बोर्ड भी एक्शन मोड में आ गया है। अब बोर्ड ने भविष्य में होने वाली भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने का एक्शन प्लान तैयार किया है। इसके तहत अब अभ्यर्थी आधार या 10वीं की मार्कशीट को आवेदन से लिंक कर भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।

अब अभ्यर्थियों को ऐसे भरना पडेगा आवेदन फॉर्म
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली धांधली और नकल को रोकने के लिए अब आधार कार्ड की मदद ली जाएगी। बोर्ड अध्यक्ष मेजर जनरल आलोक राज ने बताया, पिछले दो महीना में कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा 21 अभ्यर्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है। क्योंकि इन अभ्यर्थियों ने किसी और के स्थान पर या डमी अभ्यर्थी बन भर्ती परीक्षा में शामिल होने की कोशिश की थी। जिन्हें बोर्ड द्वारा वक्त रहते पकड़ लिया गया। भविष्य में इस तरह की गलती ना हो। इसको लेकर अब बोर्ड भर्ती प्रक्रिया के नियमों में संशोधन करने जा रहा है।

आवेदन पत्र की प्रक्रिया को लिंक करना होगा
मेजर जनरल आलोक राज ने बताया- इसके तहत राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा भविष्य में होने वाली सभी भर्ती परीक्षाओं की आवेदन पत्र की प्रक्रिया को आधार कार्ड या फिर दसवीं की मार्कशीट से लिंक किया जाएगा। ताकि अभ्यर्थी किसी और के स्थान या फिर डमी बन फर्जी तरीके से भर्ती परीक्षा में शामिल न हो सके।

पहली प्राथमिकता आधार कार्ड होगी
आलोक राज ने बताया कि बोर्ड की प्राथमिकता आधार कार्ड रहेगी। किसी कारण अगर कोई अभ्यार्थी आवेदन को आधार कार्ड से लिंक नहीं कर पाया। उसे दसवीं की मार्कशीट के रोल नंबर से आवेदन फार्म को भरना होगा। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया भविष्य में होने वाली सभी प्रतियोगी भर्ती परीक्षाओं में लागू होगी।

अभ्यर्थियों की सभी बेसिक जानकारी बोर्ड के पास होगी
आलोक राज ने बताया कि बोर्ड द्वारा इस प्रक्रिया के लागू होने के बाद अभ्यर्थियों की बेसिक जानकारी बोर्ड के पास होगी। जैसे उनका सही नाम, उनके माता-पिता का नाम डेट ऑफ बर्थ और उनका मूल एड्रेस भी हमें पता होगा। ऐसा करने से अभ्यर्थी को भी काफी फायदा होगा। क्योंकि वह भी डायरेक्टली डिजी लॉकर की मदद से अपनी बेसिक जानकारी आवेदन फार्म में भर सकेंगे। ऐसा होने के बाद परीक्षा केंद्र से लेकर सिलेक्शन के बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन तक अभ्यर्थी के मूल दस्तावेजों की सही से जांच हो सकेगी। इससे नकल और धांधली जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकेगा।