जयपुर। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सीएम अशोक गहलोत ने पलटवार करते हुए कहा कि आरएसएस और बीजेपी को कोसने से बाज आएं। राजे ने कहा कि प्रदेश में दंगे आरएसएस और बीजेपी नहीं अशोक गहलोत की तुष्टिकरण नीति करवाती है। जितनी भी सांप्रदायिक घटनाएं हुई हैं, उनके पीछे कांग्रेस की वोटों की राजनीति है। पर्दे के पीछे रह कर आग लगाने का काम कांग्रेस का है। संघ और बीजेपी तो कांग्रेस की लगाई हुई आग को बुझाती है। आये दिन संघ के ख़िलाफ़ एक ही राग अलापने वाले गहलोत शायद भूल गये कि देश की आजादी के समय जब पाकिस्तानी सेना ने कश्मीर सीमा लांघने की कोशिश की, तो सैनिकों के साथ संघ के स्वयंसेवकों ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए प्राण दिए थे।

मुख्यमंत्री बार-बार हिंदुत्व को ललकारने की गलती नहीं करें
वसुंधरा राजे ने कहा कि मुख्यमंत्री बार-बार हिंदुत्व को ललकारने की गलती नहीं करें। क्योंकि हिंदुत्व कोई एजेंडा नहीं, 36 की 36 कोमों और सब धर्मों का आदर करने वाली संस्कृति है। जिसके प्रवाह को न वो रोक सकते न उनकी कांग्रेस। उन्होंने कहा कि जिस संघ को लेकर उनकी नींद उड़ी हुई है, उसके स्वयं सेवक 1962 के युद्ध में सेना की मदद के लिए सीमा पर पहुंचे थे। फलस्वरूप पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 1963 की गणतंत्र दिवस परेड में संघ को शामिल किया था।

1965 में पाकिस्तान से युद्ध में संघ ने की थी मदद
सूबे की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम को पता होना चाहिए कश्मीर विलय के समय जब पाकिस्तानी सेना भेष बदल कर हमारी सीमा में घुस रही थी तब सरदार पटेल तथा 1965 में पाकिस्तान से युद्ध के समय लालबहादुर शास्त्री ने संघ से मदद माँगी थी और संघ ने जान हथेली पर रख कर सहयोग किया था। वह कोई और नहीं संघ ही थां, जिसने दादरा, नगर हवेली और गोवा को पुर्तगालियों के कब्जे से मुक्त करा कर वहाँ भारत का झंडा फहराया था।

सीएम अशोक गहलोत के आरोप पर करारा पलटवार
वसुंधरा राजे ने सीएम अशोक गहलोत के एक दिन पहले आरएसएस और बीजेपी के खिलाफ दिए गए बयान पर यह करारा पलटवार किया है। अशोक गहलोत ने बुधवार को आरएसएस और बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाते हुए जालोर सर्किट हाउस में मीडिया से बात करते हुए कहा कि बीजेपी और आरएसएस प्रदेश में दंगे करवाते हैं। ये लोगों को धर्म के नाम पर भड़काते हैं। बीजेपी गाय को लेकर राजनीति करती है, जबकि गायों की सेवा में हमेशा कांग्रेस आगे रही है।

बीजेपी पर लगाए थे ये आरोप
हम गायों के नाम पर वोटों की बात नहीं करते हैं, तो क्या हम हिंदू नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग तो सिर्फ राम मंदिर की राजनीति के लिए ही हिंदू बन गए, जबकि वो खुदको हिन्दू नहीं मानते हैं। राजनीति के लिए हिंदू धर्म को नहीं मानने वाले लोग भी हिंदू बन गए थे। उन्होंने कहा कि हम राजस्थान में बीजेपी का एजेंडा नहीं चलने देंगे। हम राजस्थान में चुनाव में हिन्दुत्व का एजेंडा नहीं बनने देंगे।