कोलकाता में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो में हुई हिंसा व आगजनी के बाद बुधवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) व भाजपा में वाकयुद्ध शुरू हो गया है। लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण से पहले बंगाल में एक बार फिर से आगजनी की घटना सामने आई है, जिसके बाद एक बार फिर देश की निगाहें यहां की राजनीति पर टिक गई है। रोड शो में हुई हिंसा के खिलाफ भाजपा आज देशभर में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन भी कर रही है।

टीएमसी सिर्फ 42 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं जबकि हम देशभर में लड़ रहे हैंः अमित शाह

बुधवार को अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पश्चिम बंगाल की सरकार पर निशाना साधते हुए हिंसा के लिए तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। शाह ने कहा कि बीते 6 चरणों में पश्चिम बंगाल के सिवाय और कहीं से भी हिंसा की खबर नहीं आई लेकिन ममता जी कह रही हैं कि बीजेपी हिंसा कर रही है। टीएमसी तो सिर्फ 42 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं लेकिन हम तो पूरे देश में चुनाव लड़ रहे हैं और इस दौरान कहीं और तो हिंसा नहीं हुई। स्पष्ट है कि बंगाल में टीएमसी कार्यकर्ता हिंसा कर लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं। शाह ने आगे कहा कि बंगाल सरकार ने मुझ पर एफआईआर दर्ज करवायी है लेकिन ममता बनर्जी के एफआईआर से भाजपा डरने वाली नहीं है। 23 मई को ममता बनर्जी का दिन समाप्त होने वाला है और हम बंगाल में 23 से अधिक सीटें जीतेंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमित शाह ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए बंगाल में हुए घटनाक्रम पर त्वरित कार्रवाई करने की भी मांग की।

अमित शाह ने बंगाल के बाहर से गुंडे बुलायेः टीएमसी नेता

शाह के आरोपों पर पलटवार करते हुए टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि मैंने बहुत सारी प्रेस कॉन्फ्रेंस की हैं, लेकिन यह प्रेस कॉन्फ्रेंस मेरे लिए सबसे ज्यादा दुःख भरी है। अमित शाह ने कल पूरे बंगाल को बहुत आहत किया। ब्रायन ने आगे कहा कि छात्रों ने अमित शाह को सिर्फ काले झंडे दिखाए थे, लेकिन अमित शाह ने बंगाल के बाहर से गुंडे बुलाकर जमकर उत्पात मचाया। टीएमसी कई वीडियो जारी करके हिंसा का आरोप भाजपा पर लगा रही है।

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