जयपुर। विधानसभा में सोमवार को शून्यकाल के दौरान स्पीकर सीपी जोशी के खड़े होने के बाद भी भाजपा विधायक वासुदेव देवनानी को बीच में बोलना भारी पड़ गया। नाराज स्पीकर ने देवनानी को सदन की कार्यवाही से बाहर निकलने का प्रस्ताव रखवाकर देवनानी को सदन की कार्यवाही से बाहर कर दिया। कार्यवाही से नाराज भाजपा विधायकों ने भी वॉक आउट कर दिया।

देवनानी के प्रस्ताव को नहीं किया गया शामिल
शून्यकाल के दौरान जोशी ने स्थगन और 295 के तहत रखे जाने वाले मामले पढ़कर बताए। इसमें वासुदेव देवनानी के प्रस्ताव को शामिल नहीं किया तो वो खड़े होकर इसका विरोध करने लगे। इस पर स्पीकर उखड़ गए और कहा कि आसन पैरों पर है तो आप इस तरह नहीं बोल सकते। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया का नाम लेते हुए कहा कि आप इन्हें बैठाइए।

धारीवाल ने रखा बाहर निकालने का प्रस्ताव
इसी बीच राजेंद्र राठौड़ बोलने लगे तो स्पीकर ने साफ किया आप इतने सीनियर होकर इस तरह का व्यवहार कर रहे हैं। मैं बोलने नहीं दूंगा। देवनानी और अन्य विधायक चुप नही हुए तो स्पीकर ने संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल को कहा कि देवनानी को बाहर निकालने का प्रस्ताव रखें। स्पीकर ने साफ कहा कि आप सभी भाजपा बाहर जाइए, कोई फर्क नहीं पड़ता।

खेद प्रकट नहीं किया, देवनानी को किया बाहर
प्रस्ताव रखने पर कटारिया ने कहा कि इतना बड़ा मामला नहीं है, पूरे दिन सदन की कार्यवाही से बाहर किया जाए। मगर इस तरह का निर्णय लेंगे तो गलत होगा। इस पर स्पीकर ने कहा कि कटारियाजी आपने कोई खेद प्रकट नहीं किया। उलटे आपने कहा कि आप ऐसा करेंगे तो सभी करेंगे। मैं आपसे आशा कर रहा था कि आप यह कहेंगे कि खेदपूर्ण व्यवहार है। स्पीकर ने देवनानी को सदन से बाहर भेजने के प्रस्ताव को पास कराया। इस पर सभी भाजपा विधायकों ने सदन से वॉक आउट कर दिया।

सदन में गूंजा अवैध बजरी खान के मुद्दा
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान बजरी के अवैध खनन का प्रमुखता से गूंजा। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और विधायक सतीश पूनिया के सवाल पर खान मंत्री प्रमोद जैन भाया ने कहा कि प्रदेश में अवैध खनन के 639 मामले दर्ज किए गए। इनमें बजरी के सबसे ज्यादा मामले हैं। सतीश पूनिया ने पूरक सवाल करते हुए कहा कि बजरी के अवैध खनन में पुलिस माफिया गठजोड़ भी सामने आया है। इसी बीच विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी ने ​बजरी के अवैध खनन के मुद्दे पर विधानसभा में अलग से चर्चा करवाने की व्यवस्था दी। जोशी ने कहा कि यह बड़ा मामला है और इस पर सदन में अलग से चर्चा की जरूरत है।