प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल समेत चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के पैनल में शामिल सभी सरकारी व निजी अस्पतालों में योजना से जुड़े मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। जिससे चिरंजीवी योजना के मरीजों को अस्पतालों में इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। मरीजों को भर्ती करने के अलावा उनके डिस्चार्ज होने में भी समय लग रहा है। तकनीकी खराबी के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उम्मीद है कि जल्द से जल्द कमियों को दूर कर कार्य में सुधार किया जाएगा।

प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल में चिरंजीवी योजना के प्रभारी डॉ. सुरेश गौड़ ने बताया कि सर्वर के धीमे चलने से कुछ दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने बताया कि सर्वर स्लो होने के कारण मरीज के दाखिले के दस्तावेज अपलोड नहीं हो रहे हैं, लेकिन स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी और आईटी विशेषज्ञ गड़बड़ी को दूर करने में जुटे हैं।

योजना के तहत मरीजों को हो रही परेशानी को स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी ने भी स्वीकार किया है। उनका कहना है कि शुरुआती दौर में नए सॉफ्टवेयर को चलाने में दिक्कत होती है। एजेंसी का दावा है कि जल्द ही इन तकनीकी खामियों को दूर कर लिया जाएगा। एजेंसी के सहायक सह प्रोग्रामर पकंज शर्मा ने बताया कि योजना में नया सॉफ्टवेयर लाया गया है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के कारण स्वास्थ्य गाइड परिचित नहीं हो पाए हैं। सभी स्वास्थ्य गाइडों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा अस्पतालों में जाकर भी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।

योजना में शामिल सरकारी अस्पतालों से ज्यादा निजी अस्पतालों को परेशानी हो रही है। निजी अस्पतालों में तकनीकी सहयोग नहीं मिलने से मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। हालांकि, स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी ने जल्द ही खामियों को दूर करने का दावा किया है, लेकिन इसमें कितना समय लगेगा और मरीजों को कब तक दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा, यह देखने वाली बात होगी।