जयपुर। चूरू जिले में राजगढ़ थानाधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई आत्महत्या मामले में आखिरकार घटना के 12वें दिन जनप्रतिनिधियों एवं आम जन के दबाव के चलते मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को सीबीआई से जांच की मांग पर मुहर लगा दी। प्रदेश का गृह विभाग अब सेंट्रल डीओपीटी को पत्र भेजकर सीबीआई जांच का आग्रह करेगा। वहां से मंजूरी के बाद ही सीबीआई जांच होगी। बता दें कि सोमवार काे बिश्नोई समाज के प्रतिनिधि मंडल ने सीएम से मिलकर मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी।

अब मिलेगा न्याय
इस बीच थानाधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई आत्महत्या के मामले में सीबीआई जांच की घोषणा होते ही लोगों ने संतोष जाहिर किया तथा कहा कि थानाधिकारी विष्णुदत्त को अब न्याय मिल सकेगा। सांसद राहुल कस्वां, भाजपा नेता रामसिंह कस्वां, बसपा नेता मनोज न्यांगली सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोगों ने कहा कि जनभावना की जीत हुई है। सरकार ने मामले में सीबीआई जांच के आदेश कर दिए हैं।

सीबीआई जांच के लिए की थी मांग
मंगलवार को बिश्नोई महासभा के संरक्षक कुलदीप बिश्नोई ने सरकार को चेतावनी दी थी कि शाम 5 बजे तक सीबीआई जांच के आदेश नहीं दिए गए तो समाज आंदोलन को मजबूर होगा। सरकार ने बिश्नाेई के परिजनाें काे न्यायिक जांच व सीबी-सीआईडी से जांच कराने का विकल्प दिया था, लेकिन बिश्नोई महासभा व थानाधिकारी के परिजनों ने सीबीआई जांच की मांग रखी।।

क्या था पूरा मामला
राजस्थान के सिंघम कहे जाने वाले थानाधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई का शव गत 23 मई को उनके सरकारी आवास पर फांसी के फंदे पर लटका मिला था। जिसके बाद प्रशासन व सियासी जगत में हड़कंप मच गया। प्रदेश की राजनीति और प्रशासन में भूचाल खड़ा हो गया। विश्नोई पिछले कुछ दिनों से तनाव में थे तथा नौकरी छोड़ना चाहते थे। उन्होंने वॉट्सएप पर अपने एक दोस्त को लिखा था कि उन्हें राजनीति के भंवर में फंसाने की कोशिश की जा रही है। दरअसल, विश्नोई की छवि विभाग में एक ईमानदार अफ सर की थी, जिसने अपने क्षेत्र में कई तरह के अपराधों पर अंकुश लगाया था। शराब माफि या हो या विभिन्न मादक पदार्थों के तस्कर हों, सभी के आंखों की किरकिरी बने विश्नोई ने क्षेत्र की जनता का दिल जीत लिया था।