पेट्रोल चोरों ने राजस्थानियों की भी उड़ाई नींद, यूपी के बाद अब प्रदेश में पेट्रोल पंपों के फर्जीवाड़े का खुलासा

petrol pump cheating

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देश में इन दिनों पेट्रोल पंपों पर हो रहे घपले ने सबकी नींद उड़ा रखी है। हाल ही में उत्तरप्रदेश के बाद अब राजस्थान में पट्रोल चोरी की जद में गिरता दिखाई दे रहा है। राजस्थान में भी कई जगह पेट्रोल पंपों पर जब छापेमारी की गई तो इस बात का खुलासा हुआ की यहां भी पट्रोल पंप संचालक हर रोज लाखों का घोटला कर रहे है। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में ऐसी ही एक घटना शुक्रवार को सामने आई। चित्तौड़गढ़ के जालमपुरा में एचपी के शिवाली फिलिंग पंप पर शुक्रवार को छापा मारा गया।  ग्राहक कई दिनों से इस पेट्रोल पंप पर कम पेट्रोल मिलने की शिकायत कर रहे थे। हैरानी की बात ये है कि इस पेट्रोल पंप का मालिक फ्रेंचाइजी के जरिये खुद कंपनी को संचालित करता है।

ऐसे हुआ खुलासा
शिवानी फिलिंग पंप स्टेशन जालमपुरा से 8 किलोमीटर दूर नेशनल हाईवे पर बना है। सतर्कता विभाग के उप-नियंत्रक चंदीराम ने बताया कि यहां जांच के दौरान मीटर की अंदर की सील टूटी हुई मिली। फिलिंग मशीन के भीतर डिवाइस चिप लगाकर ग्राहकों को ठगा जा रहा था। ये चिप रिमोट कंट्रोल से नियंत्रित होती है। सतर्कता विभाग की टीम ने चिप को जांच के लिए भेज दिया है। पेट्रोल पंप मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

हर महीने लाखों का गोलमाल
जांच में पता चला है कि पंप की मशीनों में चिप के जरिये ग्राहकों को 1 हजार रुपये के बदले सिर्फ 900-950 रुपये की ही पेट्रोल-डीजल मिल रहा था। इस तरीके से पंप पर हर महीने 5 से 15 लाख रुपये तक का तेल चुराया जा रहा था। इससे पहले राजसमंद और उदयपुर में भी इस तरह के छापे मारे जा चुके हैं।

ऐसे होता था फर्जीवाड़ा
पंप पर एक व्यक्ति पेट्रोल डालता था। दूसरा कैश का बैग लेकर खड़ा रहता था। बैग में रिमोट होता था। तेल भरवाते वक्त बैग के भीतर से ही रिमोट दबाया जाता था। इससे पेट्रोल का गिरना तो बंद हो जाता था लेकिन मशीन के डिस्पले पर तेल और पैसे का मीटर चलता रहता था। जांचकर्ताओं को यहां एक दूसरे तरीके का चिप और रिमोट भी मिला है। इस रिमोट से चिप एक्टिव होते ही पेट्रोल डिलिवरी की पल्स बढ़ जाती थी। इससे पेट्रोल की मात्रा और रेट तो सही दिखते थे। लेकिन तेज पल्स के चलते ग्राहकों को कम पेट्रोल मिलता था।

 

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