चम्बल-भीलवाड़ा पेयजल परियोजना: शाहपुरा के 80 गांवों तक पहुंचा मीठा पानी

news of rajasthan

शाहपुरा का बड़ेसरा गांव।

राजस्थान सरकार और जलदाय विभाग के अथक प्रयासों से भीलवाड़ा जिले की शाहपुरा तहसील के आसपास के गांवों तक चंबल का मीठा पानी अब पहुंचने लगा है। इसकी इकलौती वजह है चम्बल-भीलवाड़ा पेयजल परियोजना, जिसके जरिए शाहपुरा एवं तहसील के 80 गांवों की डेढ़ लाख से ज्‍यादा जनसंख्या को लाभान्वित किया जा चुका है। शेष बचे गांवों में भी जल्द ही शुद्ध पेयजल उपलब्ध होने लगेगा। विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा परियोजना केे कार्य का निरीक्षण कर कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

परियोजना का शुद्ध जल शाहपुरा शहरी एवं ग्रामीण, कनेछनकलां एवं नई अरवड एवं बच्छखेड़ा पम्पिंग स्टेशन तक पहुंच चुका है। शीघ्र ही इसके आसपास के गांवों तक भी शुद्ध पेयजल मिलने लगेगा।

उल्लेखनीय है कि जिले के शाहपुरा तहसील के बड़े गांव जैसे आमलीकलां, अरनियाघोड़ा, तापपुरा, दौलतपुरा, बोरड़ा, खामोर, सालरिया खुर्द, कोठिया, फुलियाकलां, तहनाल, रूपपुरा, आदि में पेयजल की भारी कमी थी और गहराई में उपलब्ध पानी गुणवत्ता विहीन होने से पीने योग्य भी नहीं था। लेकिन अब यह सब पुराना किस्सा हो चला है।

परियोजना के अन्तर्गत 4 स्वच्छ जलाशय, 34 उच्च जलाशय एवं 5 पंम्पिंग स्टेशन का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। साथ ही 2 हजार 508 पीएसपी, 501 सीडब्ल्यूटी एवं 150 वीटीसी का निर्माण कार्य प्रगतिरत है। अभी पैकेज के कमीशनिंग का कार्य चल रहा है, जो शीघ्र ही पूरा कर तहसील के सभी 150 गांवों में चंबल का पानी मुहैया करा दिया जाएगा।

भीलवाड़ा जिले की ग्रामीण क्षेत्र के शाहपुरा तहसील के 150 गांव व शाहपुरा कस्बे में पेयजल की कमी को दूर करने के लिए चम्बल परियोजना फेज-द्वितीय पैकेज पंचम का कार्यादेश जारी किया गया था। इसके तहत शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र के 150 गांव एवं कस्बा शाहपुरा को पेयजल से लाभान्वित किया जाना है। वर्तमान में 198.98 करोड़ रुपए की स्वीकृति के विरुद्ध परियोजना में 158.87 करोड़ रुपए व्यय कर 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है, शेष बचा काम भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।

read more: एमजेएसए के चलते राजस्थान के 21 जिलों में सुधरे भूजल के हालात

 

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.