April Fool: कहां से आया अप्रैल फूल और कैसे हुई इसकी शुरूआत … जानें मजेदार किस्से

April Fool

अप्रैल फूल बनाया … उनको गुस्सा आया। इस गाने की पंक्तियां आते ही अप्रैल फूल का किस्सा हर किसी के दिमाग में आ ही जाता है। अप्रैल फूल यानि मुर्खता दिवस। हर साल एक अप्रैल को अप्रैल फूल मनाया जाता है। हालांकि कोई सेलिब्रेशन नहीं लेकिन फिर भी इसे मनाया जाता है। इस दिन लोग अपने दोस्तों-परिचितों के साथ मजाक करके उन्हें बेवकूफ बनाते हैं। इस दिन मजाकिया स्वभाव का आदमी ही नहीं हर व्यक्ति छोटे-मोटे मजाक करने से नहीं चूकता। इस दिन लोग बिना किसी आचार संहिता के एक-दूसरे को मूर्ख बनाने के लिए दिल खोलकर झूठ बोलकर, ऊट-पटांग बातें कहकर, झूठे आरोप लगाकर, गलत सूचनाएं आदि देकर मूर्ख बनाने के कई सारे फंडे अपनाने की कोशिश में लगे रहते हैं।

वैसे आपको पता है आखिर अप्रैल फूल की शुरूआत कहां, कब और कैसे हुई। सीधा-सीधा तो बता पाना थोड़ा मुश्किल है लेकिन बचपन में आपने शेख चिल्ली की कहानियां तो पक्का सुनी होंगी जिसमें वह सभी को मूर्खता की टोपी पहनाते हैं। अगर शब्द कोश में ‘शेखचिल्ली’ शब्द का अर्थ देखें तो उसमें लिखा है ‘एक कल्पित मूर्ख जिसकी मूर्खता की अनेक कहानियां जन-साधारण में प्रसिद्ध हैं। इसी के साथ यह भी लिखा है ‘बड़ी-बड़ी हवाई योजनाएं बनाने वाला व्यक्ति।’

खैर जो भी हो। ऐसा नहीं है कि केवल शेख चिल्ली ही सभी को मूर्ख बनाया करते थे। बड़े-बड़े अखबार, न्यूज़ चैनल तक ने सभी को अप्रैल फूल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। अगर विश्वास न हो तो हमारी नीचे दिए गए किस्सों पर जरूरी गौर फरमाएं …

  • लंदन में कुछ वर्ष पूर्व हजारों लोगों को एक साथ अप्रैल फूल बनाने की एक दिलचस्प घटना हुई थी। हुआ यूं कि लंदन में हजारों लोगों के पास एक ही दिन एक निमंत्रण पत्र पहुंचा जिसमें लिखा था- एक अप्रैल की शाम को आप ‘टावर ऑफ लंदन’पहुंचें, जहां सफेद रंग के एक गधे को सार्वजनिक स्नान कराया जाएगा। यहां आते समय अपने साथ यह निमंत्रण पत्र लाना न भूलें।
    बस फिर क्या था देखते ही देखते एक अप्रैल की शाम को टावर ऑफ लंदन में हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गई लेकिन जब उन्हें इंतजार करते-करते काफी समय बीत गया और वहां न कोई गधा नजर आया और न ही किसी तरह का कोई आयोजन। उसके बाद वहां बड़ा हास्यास्पद माहौल बन गया और लोग हंसते-हंसते अपने-अपने घर लौट गए। वजह थी कि उन्हें पता चल गया कि आज तारीख एक अप्रैल है और उन्हें मूर्ख यानि अप्रैल फूल बनाया गया है।
  • कई वर्ष पहले बी.बी.सी. ने अपने एक नियमित कार्यक्रम के दौरान ब्रिटेन के लोगों को एक विशेष सूचना दी कि एक अप्रैल को प्लूटो ग्रह बृहस्पति ग्रह के ठीक पीछे से गुजरते हुए ऐसा गुरुत्वाकर्षण पैदा करेगा कि लोग हवा में उछलने लगेंगे। यह बी.बी.सी. की एक्सक्लूसिव खबर थी इसलिए लोग उसे कोरी अफवाह भी नहीं मान सकते थे, अत: लोगों ने उस दिन उसी निश्चित समय पर स्वयं ही उछलना शुरू कर दिया। इस दौरान किसी-किसी को तो वास्तव में ऐसा महसूस हुआ कि जैसे सचमुच वह उछल रहा है। तभी अचानक कुछ लोगों को ध्यान आया कि आज तो 1 अप्रैल का दिन है और बी.बी.सी. द्वारा उन्हें अप्रैल फूल बना दिया है।
  • ऐसी ही एक और घटना 1993 में घटी जब एक एफएम चैनल ने अपने श्रोताओं को कहा कि एक अप्रैल को स्पेश शटल डिस्कवरी का रास्ता बदलकर एडवर्डस एयर फोर्स मोंटगोमेरी फील्ड पर लैंड किया जाएगा। बस फिर क्या था। हजारों की तादात में लोग लैंडिंग देखने पहुंच गए।
  • इसी तरह साल 1950 में एक विदेशी न्यूज़ चैनल ने एक अप्रैल को यह खबर प्रमुखता से चलाई कि दुनिया में 8 अजुबों में शामिल पीसी की झुकी हुई मिनार गिर गई है। इससे लोग परेशान हो गए और स्थल पर पहुंच गए। परिणाम सभी के सामने था कि मिनार गिरी नहीं बल्कि उन्हें अप्रैल फूल बनाया गया है।

read more: राजस्थान का ‘चीता’ कीर्ति चक्र से सम्मानित

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.