झालावाड़। करीब एक सप्ताह बाद देशभर में लोकसभा चुनाव का बिगुल बज जाएगा। लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी विजय सुनिश्चित करने के लिए सभी पार्टियां अपने-अपने रणबांकुरों के साथ चुनावी मैदान में उतर चुकी है। राजस्थान में लोकसभा की 25 सीटें हैं, जिनमें से हाड़ौती क्षेत्र की 2 सीटें हैं। हाड़ौती वैसे तो आजादी के बाद से ही भाजपा का गढ़ माना जाता है। लेकिन इस बार विधानसभा चुनावों में भाजपा के खिसके जनाधार के कारण यहां मत समीकरण कुछ बदले-बदले से नजर आ रहे हैं। हालांकि भाजपा आलाकमान अभी भी राजस्थान में पिछला इतिहास दोहराकर पूरी 25 सीटें जीतने का दावा कर रहा है। वहीं सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस दबी आवाज में भाजपा को कड़ी चुनौती देने की बात कर रही है। आइए जानते हैं, हाड़ौती की हॉट सीट झालावाड़-बारां पर कैसा है इस बार का चुनावी गणित…

कांग्रेस से दोगुनी आगे भाजपा

देश की स्वतंत्रता के बाद यह सीट केवल झालावाड़ लोकसभा क्षेत्र था। लेकिन 2008 के परिसीमन के बाद झालावाड़ की चार सीटों में बारां जिले की चार सीटें और जोड़ दी गई। आजादी के बाद यहां 16 बार लोकसभा चुनाव हो चुके हैं। जिनमें से आठ बार भाजपा ने अपना परचम लहराया है जबकि चार बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। इसके अलावा भारतीय जनसंघ ने दो बार तथा जनता पार्टी व भारतीय लोकदल ने एक-एक बार विजय पाई है।

प्रमोद पर भारी दुष्यंत 

झालावाड़-बारां सीट पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से जहां एक बार फिर सांसद दुष्यंत सिंह मैदान में है। वहीं कांग्रेस की खोजी दूरबीन 2 माह पहले भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए बागी नेता प्रमोद शर्मा पर अटक गई है। दुष्यंत सिंह के राजनीतिक अनुभव की बात करे तो वे पिछले 15 साल से लगातार सांसद के रूप में इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं व दोनों ही जिलों में अपना मजबूत प्रभाव रखते हैं। वहीं कांग्रेसी उम्मीदवार प्रमोद शर्मा के राजनीतिक अनुभव की बात करें तो उन्हें एबीवीपी, भाजयुमो, भाजपा, भारत वाहिनी और कांग्रेस में शामिल होने या फिर यूं कहे कि दल बदलने के अलावा कोई राजनीतिक अनुभव नहीं है।

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