राजस्थान: वन विभाग में 2500 पदों पर जल्द ही की जाएंगी नई भर्ती

राजस्थान सरकार प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को बड़ी संख्या में सरकारी रोजगार देने जा रही है। राज्य सरकार में वन एवं पर्यावरण मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने विधानसभा में कहा कि मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के अनुसार वन विभाग में 2 हजार 500 नई नियुक्तियां की जाएंगी। उन्होंने कहा कि जिससे अगले वित्तीय वर्ष में आवश्यक स्टाफ की कमी पूरी हो जाएगी। मंत्री खींवसर सदन में प्रश्नकाल के दौरान इस संबंध में विधायकों की ओर से पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि पौधारोपण की स्थिति की मॉनिटरिंग के लिए मुख्यमंत्री जल स्वास्थ्य अभियान के अंतर्गत जियोटैगिंग की व्यवस्था है। वन विभाग के पौधारोपण के संबंध में भी ऎसी ही व्यवस्था करने के प्रयास किए जाएंगे।

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File-Image: राजस्थान वन विभाग में 2500 पदों पर जल्द ही की जाएंगी नई भर्ती: वन एवं पर्यावरण मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर

2014 से 2018 तक 3650 हैक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण का किया गया कार्य

वन एवं पर्यावरण मंत्री खींवसर ने कहा कि वन विभाग की 3 बड़ी योजनाएं वर्तमान में चल रही हैं। पहली योजना नाबार्ड की है, जिसमें लगभग आधे जिले आते हैं। शेष जिलों के लिए जायका योजना है और कैम्पा फंड के माध्यम से भी यह कार्य किया जाता है। उन्होंने कहा कि चारदीवारी बनाने और रिफॉरेस्टेशन का कार्य इसके माध्यम से किया जाता है। खींवसर ने बताया कि वर्ष 2014 से 2018 तक 3650 हैक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण का कार्य किया गया। इसमें 474 लाख रुपए व्यय कर 11.38 लाख पौधे लगाए गए। उन्होंने कहा कि पौधों की जीवितता मानसून की स्थिति पर निर्भर करती है। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि पौधों की जीवितता के संबंध में रेंडम स्तर पर अधिकारियों के साथ जांच की जा सकती है और यदि इसमें कोई कमी-खामी पाई गई, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।

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पौधारोपण कार्यों का भौतिक सत्यापन विभिन्न स्तरों पर करवाया गया

इससे पहले विधायक अलका सिंह के मूल प्रश्न का जवाब देते हुए वन एवं पर्यावरण मंत्री ने वर्ष 2014-15 से 2017-18 तक की अवधि में दौसा जिले में उप वन संरक्षक, दौसा द्वारा कराये गये पौधारोपण कार्यों का स्थलवार एवं व्यय राशि संबंधित विवरण सदन के पटल पर रखा। खींवसर ने बताया कि उप वन संरक्षक, दौसा द्वारा कराये गये पौधारोपण कार्यों का भौतिक सत्यापन विभिन्न स्तरों पर करवाया गया है। जिसमें प्रतिवर्ष अन्तर रेन्ज सत्यापन, स्थानीय स्टाफ (क्षेत्रीय वन अधिकारी एवं अधीनस्थ स्टाफ) तथा राज्य स्तर पर गठित विभाग की प्रबोधन एवं मूल्यांकन इकाई (उप वन संरक्षक, मूल्यांकन, जयपुर एवं अधीनस्थ स्टाफ) द्वारा वर्ष 2014-15 में अग्रिम कायोर्ं का मूल्यांकन एवं वर्ष 2015-16 में चयनित कार्यों का समग्र एवं आंशिक मूल्यांकन किया गया है।

 

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