झूठ बोलने के लिए जो हिम्मत चाहिए वो हिम्मत अशोक गहलोत में है!!

आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र कांग्रेस ने भाजपा की तर्ज़ पर शुरू की संकल्प रैली का आज दूसरा दिन था। आज कांग्रेस ने चूरू में बखेड़ा खड़ा किया। जहाँ समस्त कांग्रेसी दिमाग़ धारियों ने अपने-अपने मानसिक कौशल का प्रदर्शन किया। सबने वर्तमान भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के ख़िलाफ़ दिशाहीन एवं बिना किसी निशाने के हवा में तीर चलाये। जो सारे के सारे बेकार चले गए। क्योंकि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के प्रयासों से भाजपा सरकार द्वारा किये गए विकास कार्यों की लम्बी सूची के सामने ये तीर इतने हल्के थे कि वो संकल्प रैली के तम्बु से बाहर तक भी नहीं निकल पाये।

 

चोर, चोरी से जाये मगर हेराफ़ेरी से न जाये

वैसे एक बात और भी है कि अशोक गहलोत द्वारा भाजपा सरकार पर लगाए गए सारे आरोपों को सिरे से ख़ारिज़ कर देना चाहिए। क्योंकि वो जिस बुलंद आवाज़ में बोलते हैं, वो बुलंद आवाज़ उनकी पार्टी के ही आधे से ज्यादा कार्यकर्ताओं को समझ में नहीं आती तो जनता को क्या ख़ाक समझ आएगी। मतलब यहाँ तो काले ही भाषा ख़ुद काले के घर वाले भी नहीं समझ पा रहे हैं। लेकिन फिर भी इतने सारे कार्यकर्ताओं और चंद लोगों के सामने झूठ बोलने ही हिम्मत जो अशोक गहलोत ने दिखाई है। उसके लिए उन्हें दाद मिलनी चाहिए। मगर लगभग 27 मिनट के भाषण में उन्होंने इतने झूठ बोले कि जिन्हें पचाने के लिए ख़ुद तीन-चार बार पानी पिया और चार-पांच बार पसीने पूछे।

चूरू की संकल्प रैली में अशोक गहलोत

जनता ख़ुश नहीं ख़ुशहाल है

उन्होंने कहा की प्रदेश की जनता दुःखी है, क्योंकि मुख्यमंत्री जी ने उनके साथ धोखा किया है। मगर साहब क्या आप ये नहीं जानते की मुख्यमंत्री जी ने पूरे प्रदेश को एक परिवार की तरह मान कर सबको एक साथ लेकर चहुंमुखी विकास किया। जब पिछले चार सालों से अपने सरकारी बंगले से बहार ही नहीं निकले तो ये बात आप कैसे जान पाओगे।

भाजपा ने चार सालों में इतना दिया जितना कांग्रेस चालीस सालों में नहीं दे पायी

उन्होंने कहा कि प्रदेश मे पिछले 28 सालों में से 18 साल भाजपा की सरकार रही तो फिर प्रदेश में विकास क्यों नहीं हुआ। जबकि उन्होंने ये नहीं बताया की पिछले 28 सालों में से 16 साल तक केंद्र में कांग्रेस की सरकार रही ऐसे में विरोधी सरकार के साथ मिलकर कितना काम किया जा सकता है। फिर भी आपके पिछले कार्यकाल के दौरान तो राज्य और केंद्र दोनों में ही आपकी पार्टी की सरकार थी, तब आपने कौन से झंडे गाड़ लिए। जबकि पिछले चार सालों में भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर जितने कार्य किये है। उन्हें देखने के लिए आपको चश्मा लगाने जरुरत नहीं पड़ेगी। अगर आँख खोलकर देखोगे तो।

कांग्रेस ने सिर्फ़ एक अच्छा काम किया आज़ादी कि लड़ाई लड़कर

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आजादी की लड़ाई लड़ी भाजपा के किसी भी व्यक्ति ने नहीं लड़ी। लेकिन वो शायद भूल गए की वो ही सिर्फ़ आखिरी काम था। जो कांग्रेस ने इस देश की भलाई और हित में किया था। तब से लेकर पांच साल पहले तक उन्होंने देश को अपना ग़ुलाम ही बनाकर रखा है। देश अभी तक विकासशील ही है विकसित नहीं हुआ। इस सवाल का जवाब कौन देगा।

कांग्रेस ने सिर्फ़ वंशवाद को आगे बढ़ाया

अशोक गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री के बेटे की कंपनी कागज़ों में ही चल रही है। फिर भी मुनाफ़ा कमा रही है। अवैध बजरी खनन को खुली छूट दे रखी है। जबकि ये बात पूरी तरह से पारदर्शिता में रखी गयी है। मुख्यमंत्री जी के बेटे के जितने भी व्यवसाय चल रहे हैं। सबका लेखा-जोखा सरकार के सामने प्रस्तुत कर रखा है। रही बात अवैध बजरी खनन तो उस पर भी सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाई जा चुकी है। और माननीय सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले का इंतज़ार सबको है। जो न्याय पालिका का आदेश होगा वो सरकार और प्रदेश के जनता को स्वीकार होगा। लेकिन अशोक जी आपके कार्यकाल में आपके बेटे ने जो गुल खिलाये उनका हिसाब आपने अभी तक नहीं दिया। वो कहाँ है।

आज वो समय है कि एक तरफ अपने द्वारा किये गए विकास कार्यों को जनता के सामने प्रस्तुत कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस झूठे आरोप लगाकर भाजपा की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रही है। ऐसे में देखना ये है कि जीत किसकी होती है। सच्चाई की या झूठ की। क्योंकि दशहरा ज्यादा दूर नहीं है।

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