
जयुपर। आज के समय में विज्ञान ने बहुत तरक्की कर ली और हर क्षेत्र में देश आगे बढ़ रहा है। लोगों में और उनकी सोच में भी पहले के मुकाबले काफी परिवर्तन देखने को मिल रहा है। लेकिन आज भी समाज में कुछ लोग ऐसे हैं जो अपनी रूढ़िवादी पुरानी विचारधाराओं को लेकर चल रहे हैं। इससे जुड़े आए दिन मामले सामने आते रहते हैं। हाल ही में प्रदेश के सवाई माधोपुर जिले से एक ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां पर एक विधवा महिला को डायन बताकर ससुराल वालों ने घर से निकाल दिया। इतना ही नहीं महिला पर आरोप लगाया गया है कि पति के नाम पर लाखों रुपए की संपत्ति ससुराल वालों से हड़प ली। अब महिला के सिर पर ना कोई है ना कोई सहारा। वह अपने बच्चे के साथ दर-दर की ठोकरें खा रही है।
काला जादू करती है और हमें भी मार डालेगी
पीड़ित महिला अपनी फरियाद लेकर एसपी से मिलने पहुंची। लेकिन कार्यालय के बाहर मौजूद पुलिसकर्मियों ने मिलने नहीं दिया और करीब 6 घंटे इंतजार करने के बाद उसे भगा दिया। सैय्यदा बी ने बताया की उसके पति की मौत के कुछ दिन बाद से ही ससुराल वालों ने उसे ताना मारना शुरू कर दिया था की तू डायन है अपने पति को खा गई। काला जादू करती है और हमें भी मार डालेगी। इतना ही नहीं पीड़िता के साथ मारपीट भी करने लगे। उसको घर से बाहर निकाल दिया। अब वह अपने बच्चों को लेकर दर—दर की ठोकरे खा रही है। छह महीने बीते जाने के बाद भी पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
6 साल की बच्ची और 4 साल का बेटा
पीड़िता सैय्यदा बी ने कहा कि उसका पति की 9 जून 2020 को इंतकाल हो गया था। इसके बाद उसके ससुराल वाले लगातार डायन बताकर उसे प्रताड़ित करने लगे। इसी के साथ दबंगाई से उसके पति की लाखों रुपए की संपत्ति व व्यापार को भी हड़प लिया। पति की संपत्ति के उत्तराधिकारी वह और उसके बच्चे हैं। 15 जनवरी 2021 को उसकी ओर से महिला थाने में एफआईआर दर्ज करवाई गई। छह महीने हो गए लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीड़िता का कहना है कि पति की मौत के बाद 6 साल की बच्ची व 4 साल का बेटा की जिम्मेदारी आ गई।
पुलिसकर्मियों ने एसपी से मिलने नहीं दिया
जिले के नवनियुक्त एसपी राजेश सिंह ने कार्यभार संभालते समय दावा किया था कि उनके दरवाजे आम लोगों के लिए हमेशा खुले हैं। लेकिन पीड़िता ने एसपी के दावे खोखले होने की बात कह रही है। सैय्यदा का कहना है कि वह सोमवार को एसपी से मिलने पहुंची थी, लेकिन उसे कार्यालय के बाहर मौजूद पुलिसकर्मियों ने एसपी से मिलने नहीं दिया। उन्होंने काफी देर तक इंतजार करवाने के बाद वहां से भगा दिया। वह मदद और न्याय के लिए भटक रही है। ऐसी स्थिति में बच्चों का भरण पोषण करना एक बड़ी चुनौती है।




