सिरोहीः आबूरोड में वैश्विक शिखर सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि ग्लोबल समिट का विषय वर्तमान समय में सबसे ज्यादा प्रासंगिक है. विश्व आज सबसे चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है,कई देशों में युद्ध या युद्ध जैसी स्थिति है. दुनिया ऊर्जा संकट, बढ़ते अविश्वास, हिंसा और पर्यावरण संकट से जूझ रही है.

जियो-पॉलिटिकल टर्बुलेंस के दौर में वैश्विक व्यवस्थाओं के सामने बड़ी चुनौतियां है. विश्व के नवीनीकरण के लिए व्यवस्थाओं के साथ मनुष्य की सोच में बदलाव जरूरी है. प्राथमिकताओं और कार्य करने की पद्धति में परिवर्तन की आवश्यकता,इसमें ब्रह्माकुमारीज की बड़ी भूमिका है.

इंसान की सोच और कार्यशैली बदलने से विश्व का कल्याणः
दुनिया की चुनौतियों के समाधान के लिए मानवीय सोच में बदलाव जरूरी है. युद्ध, ऊर्जा संकट, हिंसा और पर्यावरण संकट से जूझ रही दुनिया,नवीनीकरण की जरूरत है. व्यवस्थाओं में बदलाव से नहीं, इंसान की सोच और कार्यशैली बदलने से विश्व का कल्याण होगा. विश्व कल्याण में ब्रह्माकुमारीज की भूमिका महत्वपूर्ण,90 वर्षों के सेवा सफर को नमन किया.

भारतीय संस्कृति में निहित शांति का संदेशः
करुणा, शांति और आत्मबोध से भारत ने विश्व को राह दिखाई. यजुर्वेद के शांति मंत्र में दुनिया की चुनौतियों का समाधान,भारतीय संस्कृति में निहित शांति का संदेश है. ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना आज और प्रासंगिक. भारतीय सांस्कृतिक चेतना विश्व कल्याण का नया मार्ग प्रशस्त कर सकती है.