
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को देश के लिए जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों को याद करते हुए बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि आज दुनिया में भारत जिस मुकाम पर खड़ा है, उसके पीछे हमारे बहादुर जवानों की कुर्बानी है। अगर इन जवानों ने देश की सुरक्षा के लिए अपनी जान नहीं दी होती तो आज भारत कहां होता, इसकी कल्पना करना भी मुश्किल है। अमित शाह ने दिल्ली में पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देते हुए यह बात कही।
आजादी से लेकर अब तक के शहीदों को किया याद
अमित शाह ने कहा कि आज हम उन बहादुर पुलिसकर्मियों को याद करने के लिए यहां इकट्ठा हुए हैं, जिन्होंने देश की सेवा करते हुए अपनी जान गंवा दी। इनमें आजादी के समय से लेकर अब तक शहीद हुए जवान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना देश और लोगों की सुरक्षा के लिए काम किया। मुश्किल से मुश्किल हालात में भी वे अपनी ड्यूटी से पीछे नहीं हटे।
गृह मंत्री ने कहा कि इन पुलिसकर्मियों की कुर्बानी को देश कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने देश की सुरक्षा के लिए जो कुछ किया, उसे हमेशा याद रखा जाएगा।
दुनिया में भारत को कैसे मिली पहचान?
अमित शाह ने कहा कि आजादी के बाद ने काफी तरक्की की है। आज दुनिया में देश की अलग पहचान है और उसे सम्मान की नजर से देखा जाता है। लेकिन इस कामयाबी के पीछे उन जवानों का भी बड़ा हाथ है, जिन्होंने देश को सुरक्षित रखने के लिए अपनी जान तक दे दी।
उन्होंने कहा कि भारत की आज की स्थिति को समझने के लिए उन लोगों को याद करना जरूरी है, जिन्होंने कठिन समय में देश की रक्षा की। उनकी कुर्बानी ने देश को आगे बढ़ने में मदद की।
सोच भी नहीं सकते कि आज हम कहां होते’
गृह मंत्री ने कहा कि देश के भीतर शांति और सुरक्षा बनाए रखने से लेकर सीमाओं की रक्षा तक, जवानों ने हर जगह अपनी जिम्मेदारी निभाई है। कई जवान ड्यूटी करते हुए शहीद हो गए।
अमित शाह ने कहा कि अगर इन बहादुर पुरुषों और महिलाओं ने देश की अंदरूनी सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा के लिए अपनी जान नहीं दी होती तो आज हम कहां खड़े होते, इसकी कल्पना करना भी मुश्किल है। उन्होंने अपने संबोधन में देश की तरक्की और सुरक्षा में जवानों की भूमिका पर जोर दिया। साथ ही आजादी के बाद से अब तक जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों को याद करते हुए उनकी कुर्बानी को देश के लिए बेहद अहम बताया।




