जयपुर। जयपुर में ग्रेटर नगर निगम के उपचुनाव की मतगणना के बीच बड़ा उलटफेर हो गया है। राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर ग्रेटर नगर निगम मेयर सौम्या गुर्जर को बर्खास्त करने के सरकार के आदेश को रद्द कर दिया है। इसके बाद अब जयपुर ग्रेटर नगर निगम के लिए चल रहे चुनाव की काउंटिंग प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है। सौम्या गुर्जर नगर निगम ग्रेटर की मेयर बनी रहेंगी। गौरतलब है कि ग्रेटर निगम के तत्कालीन आयुक्त यज्ञ मित्र देव सिंह से अभद्रता के मामले में राज्य सरकार ने सौम्या गुर्जर को मेयर पद से बर्खास्त करते हुए 6 साल के लिए चुनाव लड़ने पर रोक लगाई थी। कोर्ट का आदेश सौम्या गुर्जर के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, वहीं सरकार को इससे झटका लगा है।

हाईकोर्ट ने कहा- चुनाव कराने का कोई अर्थ नहीं
सौम्या गुर्जर को बर्खास्त करने वाला 27 सितम्बर का आदेश रद्द हो गया है। सौम्या को सुनवाई के मौके देकर नए सिरे से आदेश जारी करने के आदेश दिए गए हैं। जस्टिस महेंद्र गोयल ने ये आदेश दिए हैं। कोर्ट के अनुसार मेयर बर्खास्तगी का आदेश रद्द हो गया है। ऐसे में चुनाव कराने का कोई अर्थ नहीं है।

गहलोत सरकार को लगा बड़ा झटका
कोर्ट का आदेश सौम्या गुर्जर के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, वहीं सरकार को इससे झटका लगा है। गौरतलब है कि सौम्या गुर्जर ने उन्हें बर्खास्त करने के सरकार के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। जानकारों के मुताबिक यदि मेयर के चुनाव परिणाम जारी भी हो जाते हैं तो हो सकता है कि यह हाईकोर्ट के फैसले के अधीन रहे।

कांग्रेस से हेमा सिंघानिया और बीजेपी से रश्मि सैनी प्रत्याशी बने
कांग्रेस ने मेयर पद के लिए हेमा सिंघानिया को जबकि भाजपा ने रश्मि सैनी को प्रत्याशी बनाया है। इससे पहले बुधवार देर रात भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया होटल में पार्षदों से मिलने पहुंचे थे।

एक हफ्ते से बाड़ेबंदी में पार्षद
इस चुनाव में क्रॉस वोटिंग का डर कांग्रेस-भाजपा दोनों की है। क्रॉस वोटिंग के डर से करीब एक हफ्ते से भाजपा ने पार्षदों की बाड़ेबंदी चौमूं पैलेस होटल में कर रखी है। सूत्रों का कहना है कि वोटिंग के दौरान दो बसों में भरकर बीजेपी पार्षदों को पहले पार्टी मुख्यालय ले जाया गया। वहां से पार्टी पदाधिकारियों की निगरानी में नगर निगम मुख्यालय पर मतदान के लिए भेजा गया।