
जयपुर। महामारी कोरोना वायरस से पूरी दुनिया जूझ रही है। देश में रोजाना हजारों की संख्या में नए पॉजिटिव सामने आ रहे है, वहीं दर्जनों की मौत हो रही है। सरकार के साथ-साथ आम लोग भी इस महामारी से जंग में अपना अपना सहयोग कर रहे है। कोई गरीबों लोगों के लिए भोजन का इंतजाम कर रहे हैं तो कोई उनके के लिए मेडिकल सुविधाएं मुहिया करवा रहे है। सरकार भी कोरोना वायरस से बचने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर लोगों को जागरूक कर रही है। लेकिन हाल ही में राजस्थान की कांग्रेस सरकार के विधायक रामनारायण मीणा की लापरवाही से सैकड़ों लोगों की जान के साथ खिलवाड़ करने का मामला सामने आया है। कांग्रेस विधायक रामनारायण मीणा ने ना सिर्फ कानून का उल्लंघन किया, बल्कि सैकड़ों की संख्या में भीड़ भी जमा कर ली।
विधायक ने रखा तालाब का जीर्णोद्धार कार्यक्रम
पीपल्दा के विधायक रामनारायण मीणा ने हाल ही में एक कार्यक्रम का आयोजन किया। कोरोना महामारी के बीच बुडादित में तालाब पर जीर्णोद्धार कार्यक्रम रखा गया। इसमें मंत्री जी के एक इशारे पर सैकड़ों की संख्या में भीड़ जमा हो गई। मौजूदा हालात को देखते हुए जहां लोगों को अपने घर पर ही रहने की सलाह दी जा रही है। वहीं विधायक ने सैकड़ों की जान दांव पर लगाते हुए यह कार्यक्रम रखा। इस कार्यक्रम में भीड़ के साथ प्रशासन के लोग भी नजर आए, जिसे देखकर सभी दंग रहे गए। प्रशासन की मौजूदगी में यहां बिना मास्क और बिना सोशल डिस्टेंसिंग के भीड़ जमा हो गई।
ना मास्क और ना ही सोशल डिस्टेंसिंग
विधायक मीणा के कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। यहां का नजारा देखकर हर कोई हैरान रह गया। ये लोग ना खुद की जान की परवाह कर रहे थे ना नहीं दूसरे की। सभी को पता है कि मौजूदा हालातों को देखते हुए बिना काम से बाहर नहीं निकलना चाहिए। यदि कोई जरूरी काम है जिसकी वजह से आपको घर से बाहर निकला है तो खुद की सेफ्टी का विशेष ध्यान रखना चाहिए। लेकिन इस भीड़ में लोगों के पास ना तो मास्क था और ना ही सोशल डिस्टेंसिंग की पालना की गई।
कार्यक्रम की अनुमति कैसी मिली
इन दिनों कोरोना वायरस का कहर चारो तरफ फैला हुआ है। इस वायरस को देखते हुए सरकार ने गाइडलाइंस जारी कर रखी है। सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार भीड़ इकट्ठी नहीं हो इसलिए सभी प्रकार के कार्यक्रमों पर रोक लगा रखी है। शादी और अंतिम संस्कार में कितने लोग शामिल होंगे। इसके लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए है। विधायक रामनारायण मीणा ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया है। इसको लेकर लोग सवाल कर रहे है कि इसकी अनुमति किसने दी ?
सवालों के घेरे में गहलोत सरकार
प्रशासन की मौजूदगी में इस कार्यक्रम का आयोजन हुआ है। इसमें प्रशासन के कई जिम्मेदार अधिकारी भी नजर आए। अशोक गहलोत सरकार सवालों के घेरों में है। आखिरकार उनके विधायक को यह सब करने की छूट किसने दी ? क्या कोरोना वायरस नेताओं को नहीं होता यह केवल आम जनता को ही होता है ? कांग्रेस सरकार को इसका जवाब देना चाहिए कि इन हालातों में उनके विधायक ने इतना बड़ा कार्यक्रम क्यों आयोजित किया। नियम-कानून तो सभी के लिए समान होते हैं, तो फिर गहलोत सरकार अपने विधायक को नियम तोड़ने की आजादी कैसे दे सकती है ?




