
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का एक मानवीय और जागरुकता से जुड़ा पहलू देखने को मिला, जब उन्होंने सड़क पर स्कूटी से जा रहे बच्चों को रोककर उसे यातायात नियमों का महत्व समझाया।
बता दें कि यह घटना 26 दिसंबर 2025 की बताई जा रही है। जो झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र स्थित गोदाम की तलाई इलाके में हुई। वसुंधरा राजे डाक बंगले से भाजपा के वरिष्ठ नेता श्रीकृष्ण पाटीदार के निवास की ओर जा रही थीं।
इसी दौरान रास्ते में उन्होंने देखा कि दो छात्र स्कूटी पर सवार होकर कोचिंग के लिए जा रहे हैं, लेकिन दोनों ने हेलमेट नहीं पहन रखा था। इस पर राजे ने तुरंत अपनी कार रुकवाई और स्कूटी सवार बच्चों को पास बुलाया।
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का एक मानवीय और जागरुकता से जुड़ा पहलू देखने को मिला, जब उन्होंने सड़क पर स्कूटी से जा रहे बच्चों को रोककर उसे यातायात नियमों का महत्व समझाया।
बता दें कि यह घटना 26 दिसंबर 2025 की बताई जा रही है। जो झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र स्थित गोदाम की तलाई इलाके में हुई। वसुंधरा राजे डाक बंगले से भाजपा के वरिष्ठ नेता श्रीकृष्ण पाटीदार के निवास की ओर जा रही थीं।
इसी दौरान रास्ते में उन्होंने देखा कि दो छात्र स्कूटी पर सवार होकर कोचिंग के लिए जा रहे हैं, लेकिन दोनों ने हेलमेट नहीं पहन रखा था। इस पर राजे ने तुरंत अपनी कार रुकवाई और स्कूटी सवार बच्चों को पास बुलाया।
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का एक मानवीय और जागरुकता से जुड़ा पहलू देखने को मिला, जब उन्होंने सड़क पर स्कूटी से जा रहे बच्चों को रोककर उसे यातायात नियमों का महत्व समझाया।
बता दें कि यह घटना 26 दिसंबर 2025 की बताई जा रही है। जो झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र स्थित गोदाम की तलाई इलाके में हुई। वसुंधरा राजे डाक बंगले से भाजपा के वरिष्ठ नेता श्रीकृष्ण पाटीदार के निवास की ओर जा रही थीं।
इसी दौरान रास्ते में उन्होंने देखा कि दो छात्र स्कूटी पर सवार होकर कोचिंग के लिए जा रहे हैं, लेकिन दोनों ने हेलमेट नहीं पहन रखा था। इस पर राजे ने तुरंत अपनी कार रुकवाई और स्कूटी सवार बच्चों को पास बुलाया।





