माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर की ओर से प्रदेश के 93 स्कूलों में अतिरिक्त संकाय शुरू किए है। उन सभी स्कूलों में इसी सत्र से कक्षा 11वीं में अध्ययन शुरू करवाया जाएगा, लेकिन शिक्षकों की व्यवस्था विषय खोलने के साथ नहीं की है।

 

राजस्थान के 93 स्कूलों में से 23 में एग्रीकराजस्थान में शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, 93 स्कूलों में होगा ऐसा बड़ा काम,ल्चर विषय दिया है। जबकि पहले से इस विषय के व्याख्याता आधी स्कूलों में नहीं है। प्रदेश में एग्रीकल्चर विषय 700 स्कूलों में चल रहा है, जबकि अध्यापक 370 ही है। इसके अलावा अन्य स्कूलों में विज्ञान, वाणिज्य व कला विषय दिए हैं। इनमें अधिक विषय विज्ञान व वाणिज्य दिया है।

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संकाय 33 जिलों के आधार पर

शिक्षा विभाग की ओर से प्रदेश के स्कूलों में अतिरिक्त संकाय खोलने के आदेश वर्तमान के 41 जिलों के आधार पर नहीं दिए है। उन्होंने पुराने 33 जिलों के तहत ही संकाय दिए हैं। ऐसे में वहां की व्यवस्था भी यहां पुराने जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों को देखनी होगी। जैसे पाली में जैतारण विधानसभा अब ब्यावर में है, लेकिन आदेश में वह पाली में ही बताया है।

 

विधानसभा वार प्रदेश में यहां खोले गए एग्रीकल्चर विषय

● पुष्कर: राबाउमावि, अस्पताल के पास सराधना अजमेर

● बारां अटरू: राउमावि चारदान बारां

● छाबड़ा : राउमावि हरनावाड़ाशाहजी

● शिव: राउमावि गूंगा बाड़मेर

● सिवाणा: राउमावि पादरू बाड़मेर

● शाहपुरा: राउमावि डोहरिया भीलवाड़ा

● लुणकरणसर: राउमावि नापासर सिंथल रोड, बीकानेर

● सादुलपुर: राउमावि नुहंद, चूरू

● तारानगर: नारायणी देवी बालिका उमावि, ददरेवा, चूरू

● सादुलशहर: राउमावि बनवाली, गंगानगर

● सूरतगढ़: राउमावि बीरमाना, गंगानगर

● भद्रा: राउमावि गांधी बारी 6 एसडीआर, हनुमानगढ़

● अम्बर: राउमावि खोराबिसल, जयपुर

● फुलेरा: राउमावि रोजाड़ी, जयपुर

● झालरापाटन: राउमावि रायपुर, झालावाड़

● मनोहरथाना: राउमावि जवार्र, झालावाड़

● लूणी: पीएमश्री राउमावि मोगरा कलां, जोधपुर

● ओसिया: राउमावि समरू, जोधपुर

● रामगंज मंडी: राउमावि नया गांव रोड रावत भाटा रोड व हीराभाई पारख राजकीय कन्या उमावि, कोटा

● परसबतसर: राउमावि बडू, नागौर

● सुमेरपुर: भंवरीबाई घेवरचंद सुराणा राउमावि बालराई, पाली

● मालपुरा टोडारायसिंह: राउमावि लाम्बाहरिसिंह, टोंक

 

इन्होंने कहा

प्रदेश के साथ पाली के बलूंदा व खिंवाड़ा में विज्ञान संकाय तथा बालराई में एग्रीकल्चर व कला संकाय दिया है। इससे विद्यार्थियों को गांव में ये विषय पढ़ने का लाभ मिलेगा।