
जयपुर, 6 अक्टूबर 2025 — राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित सवाई मान सिंह (SMS) अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर की Trauma ICU में रविवार रात करीब 11:20 बजे भीषण आग लग गई। इस हादसे में छह मरीजों की मौत हो गई और पांच अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था, फायर सेफ्टी उपायों और प्रशासनिक तत्परता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग की शुरुआत शॉर्ट सर्किट से हुई बताई जा रही है, जो जल्दी ही जहरीली गैसों के रूप में फैल गई। इससे ICU में भर्ती अधिकांश मरीजों की स्थिति और भी गंभीर हो गई। अस्पताल प्रशासन ने तुरंत मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट किया, लेकिन छह गंभीर मरीजों को बचाया नहीं जा सका।
घटना के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अस्पताल पहुंचे और घटना की गहरी जांच के आदेश दिए। परिजनों ने आरोप लगाया कि आग लगने के बाद कुछ अस्पताल कर्मचारी भाग गए। कई परिजनों ने कहा कि ICU में फायर एक्सटिंग्विशर काम नहीं कर रहे थे, और संकट की सूचना देने के बावजूद अस्पताल प्रशासन की प्रतिक्रिया धीमी रही।
यह घटना अस्पतालों में फायर सेफ्टी उपकरणों की अनुपस्थिति, आपातकालीन निकासी योजनाओं का अभाव, और इलेक्ट्रिक वायरिंग की नियमित जांच की कमी को उजागर करती है। सरकार ने गहन जांच के लिए समिति गठित की है, लेकिन यह जरूरी है कि इस तरह की घटनाओं से सबक लेकर अस्पतालों में सुरक्षा, तत्परता और निगरानी को कड़ा किया जाए, ताकि आगे ऐसी त्रासदियों की पुनरावृत्ति न हो।

यह घटना हमारे स्वास्थ्य तंत्र की गंभीर कमजोरियों की याद दिलाती है। जब जीवन-रक्षक सुविधाएँ खुद जोखिम में हों, तो मरीजों की जान बचाना नामुमकिन हो जाता है। उम्मीद की जानी चाहिए कि इस घटना से एक नया सिरे से सुधार मोहिम शुरू होगी; ताकि सभी अस्पतालों में सुरक्षा, तत्परता, और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।




