राजस्थान सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए स्थानीय चुनावों में चुनाव लड़ने के लिए 2 बच्चों की सीमा वाले नियम को ख़त्म करने का फ़ैसला किया है. इस नियम के तहत 2 से ज़्यादा बच्चों वाले लोग पंचायत और शहरी निकायों के चुनाव नहीं लड़ सकते थे. कल, 25 फरवरी को भजनलाल शर्मा सरकार ने कैबिनेट की बैठक में इस फैसले पर मुहर लगा दी. राजस्थान के कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने मंत्रिमंडल में लिए गए निर्णय की घोषणा करते हुए जानकारी दी कि इस नियम को निरस्त करने के लिए दो विधेयक लाए जाएंगे जिन्हें विधानसभा के मौजूदा सत्र में ही पारित कर दिया जाएगा. पटेल ने बताया कि कैबिनेट ने राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2026 और राजस्थान नगर पालिका (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी है. उन्होंने यह भी बताया कि यह नियम जिस समय लाया गया था तब परिस्थितियां कुछ और थीं और अब हालात बदल गए हैं.

 

पहले क्या थीं परिस्थितियां, क्यों बना क़ानून ?

भारत में स्वतंत्रता के बाद स्थानीय स्वशासन तथा सत्ता के विकेंद्रीकरण के उद्देश्य से एक कानून बनाया गया. संविधान के अनुच्छेद 40 के तहत 1953 में पंचायती राज अधिनियम लागू हुआ और इसके तहत स्थानीय चुनाव आयोजित होने लगे. लेकिन, फिर भारत में जनसंख्या बढ़ने लगी और इसके दबाव की वजह से विकास बाधित होने लगा. तब जाकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया.