इस बार हिंदी भाषा, राजस्थानी साहित्य और क्षेत्रीय भारतीय आवाजों पर विशेष फोकस रखा गया है. इतिहास, राजनीति, समाज, कला, साहित्य, विज्ञान और तकनीक जैसे विषयों पर गंभीर विमर्श भी होगा. फेस्टिवल में जियो पॉलिटिक्स, वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एस्ट्रोफिजिक्स और टेक्नोलॉजी पर विशेष सत्र रखे गए हैं. भारत के पड़ोसी देशों में चल रहे संघर्ष, बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी चर्चा होगी.

पहले सत्र में उर्दू शायरी और म्यूजिक प्रमुख आकर्षण

सुबह 10 बजे वेदांता फ्रंट लॉन में फेस्टिवल की शुरुआत ‘मॉर्निंग म्यूजिक नादा बिटवीन साउंड एंड साइलेंस’ से होगी. इस सत्र में कर्नाटक संगीत की प्रस्तुति के जरिए ध्वनि और मौन के बीच के संतुलन को प्रस्तुत किया जाएगा. ऐश्वर्या विद्या रघुनाथ और ऋत्विक राजा का संगीत समूह प्रस्तुति देगा. फेस्टिवल के पहले दिन गीतकार जावेद अख़्तर कविता, सिनेमा और समाज के रिश्ते पर खुलकर बात करेंगे. उर्दू शायरी और फिल्मी गीतों के उदाहरणों के साथ यह सत्र पहले दिन का प्रमुख आकर्षण माना जा रहा है.

कन्नड़ लेखिका बानु मुश्ताक भी करेंगी संवाद

सुबह 11 बजे फिक्शन सत्र ‘हार्ट लैम्प’ में इंटरनेशनल बुकर प्राइज 2025 विजेता कन्नड़ लेखिका बानु मुश्ताक अपनी चर्चित कृति पर संवाद करेंगी. इस सत्र में उनसे बातचीत माउतुषी मुखर्जी करेंगी. चारबाग मंच पर इतिहास और नॉन फिक्शन आधारित सत्र ‘एम्बर्स ऑफ वॉर द फॉल ऑफ एन एम्पायर एंड द मेकिंग ऑफ अमेरिका-वियतनाम’ आयोजित होगा. इसमें पुलित्जर पुरस्कार विजेता इतिहासकार फ्रेडरिक लोगेवॉल अमेरिका और वियतनाम युद्ध की पृष्ठभूमि पर चर्चा करेंगे. संवाद सैम डैलरिम्पल के साथ होगा

सूर्य महल में अनुवाद साहित्य पर केंद्रित सत्र ‘ट्वाइस टोल्ड टेल्स’ होगा. डेज़ी रॉकवेल और दीपा भास्ती भारतीय साहित्य के अनुवाद और वैश्विक पहुंच पर बातचीत करेंगी. फाउंडेशन जान मिचाल्स्की दरबार हॉल में संस्कृति और यात्रा पर आधारित सत्र ‘नाइट ट्रेन्स स्मॉल चिल्ड्रन एंड वैगिंग टेल्स’ आयोजित होगा. राजस्थान सरकार के प्रस्तुत बैठक मंच पर साहित्यिक स्मृति और मिथकों पर आधारित सत्र ‘मिथ एंड मेमोरी’ होगा. इसमें चर्चित लेखिकाएं सलमा और वोल्गा शामिल होंगी और एलिज़ाबेथ कुरुविला से संवाद करेंगी.

नमिता गोखले और संजॉय के रॉय का उद्घाटन संबोधन

दोपहर 12 बजे वेदांता फ्रंट लॉन में फेस्टिवल का औपचारिक उद्घाटन सत्र आयोजित होगा. उद्घाटन संबोधन में नमिता गोखले, विलियम डैलरिम्पल और संजॉय के रॉय फेस्टिवल की थीम और उद्देश्य पर विचार रखेंगे. पुस्तक ‘ए स्टेट्समैन एंड ए सीकर द एक्स्ट्राऑर्डिनरी लाइफ एंड लेगेसी ऑफ डॉ. करण सिंह’ का लोकार्पण होगा. वरिष्ठ पत्रकार हरबंस सिंह की लिखी गई यह आधिकारिक जीवनी 15 जनवरी को फर्स्ट एडिशन सत्र में लॉन्च की जाएगी. यह पुस्तक डॉ. करण सिंह के राजनीतिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक जीवन की गहराई से पड़ताल करती है और आज़ादी के बाद भारत के इतिहास के कई अहम पड़ावों को सामने लाती है.