
GST दरों में कटौती पर राजस्थान में सरकार चलाएगी ये अभियान; मंत्री-विधायकों को दिए टास्क

राजस्थान में इस बार जीएसटी बचत को लेकर एक अनोखा उत्सव होने जा रहा है, लेकिन इसके पीछे की तैयारी में कुछ ऐसा सस्पेंस छुपा है जिसे जानकर हर कोई हैरान रह जाएगा। सोमवार से लागू होने वाली केंद्र सरकार की जीएसटी दरों में कटौती को राज्य सरकार ने 22 से 29 सितंबर तक पूरे राज्य में “जीएसटी बचत उत्सव” के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। लेकिन जैसे ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंत्रियों और विधायकों के साथ वीसी के जरिए बैठक ली, माहौल अचानक गंभीर हो गया।
बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि यह उत्सव केवल एक जागरूकता अभियान नहीं है। इसका असली मकसद उपभोक्ताओं को सीधे लाभ पहुंचाना और व्यापारी वर्ग को प्रेरित करना है ताकि जीएसटी में कटौती का प्रभाव हर नागरिक तक पहुंचे। लेकिन जैसे ही उन्होंने यह बात कही, मंत्रियों और विधायकों की आंखों में अचानक चमक आ गई। यह कोई साधारण कार्यक्रम नहीं था; हर जनप्रतिनिधि के लिए यह चुनौती थी कि वह अपने क्षेत्र में जाकर आम जनता और दुकानदारों को सीधे तौर पर समझाए कि उन्हें कितना फायदा मिलने वाला है।
सीएम ने निर्देश दिए कि सभी मंत्री और विधायक स्थानीय बाजारों में जाकर दुकानदारों से मिलें, उन्हें जीएसटी दरों में कटौती का लाभ समझाएं और सुनिश्चित करें कि यह लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचे। लेकिन बैठक के दौरान अचानक एक सवाल हवा में घूमने लगा—क्या व्यापारी पूरी तरह से इस लाभ को जनता तक पहुंचाएंगे, या कुछ इसे छुपा कर अपनी जेब भरने की कोशिश करेंगे?
जैसे-जैसे चर्चा आगे बढ़ी, मुख्यमंत्री ने अभियान के प्रचार के लिए होर्डिंग्स, बैनर और स्टीकर्स का उपयोग करने को कहा। इसके अलावा सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से अभियान का प्रचार भी किया जाएगा। लेकिन हर मंत्री और विधायक के दिमाग में यह सवाल घूम रहा था कि क्या जनता सच में इस बदलाव को महसूस कर पाएगी, या यह केवल प्रचार तक ही सीमित रह जाएगा?
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जीएसटी की पुरानी व्यवस्था और हाल के सुधारों का जिक्र किया। 2017 में लागू हुई जीएसटी में 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत की चार स्लैब थीं, जबकि अब 22 सितंबर से मुख्य रूप से दो दरें—5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत प्रभावी होंगी। केवल विलासिता की वस्तुओं पर 40 प्रतिशत दर लागू रहेगी। दैनिक उपयोग की वस्तुएं सस्ती होंगी और आमजन को राहत मिलेगी। लेकिन इस सुधार के बीच एक बड़ा रहस्य यह है कि जनता को इस बदलाव का वास्तविक लाभ कब और कैसे महसूस होगा





