जयपुर। राजस्थान में एक बार फिर से एम्बुलेंसों के पहिये थम गये हैं। राजस्थान एम्बुलेंस कर्मचारी यूनियन ने राज्य सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुये बुधवार सुबह 6 बजे से सभी 108 एंबुलेंस और 104 को खड़ा कर दिया दिया है। ऐसे में एक बार फिर मरीजों की सांसें अटक गई हैं। मरीजों को लाने ले जाने के लिये लोगों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। प्रदेशभर में इनकी करीब 850 एम्बुलेंस संचालित होती हैं।

गंभीर मरीज और गर्भवती महिलाए होगी परेशान
एंबुलेंस के लिए जरूरी सुविधाएं मुहैया ना करवाने से कर्मचारी नाराज हैं और मांगें ना मानने तक प्रदेश में एंबुलेंस व्यवस्था बंद रहेगी। इसका बड़ा असर कोरोना के गंभीर मरीजों पर पड़ना तय है। खासकर गरीब मरीजों पर जो इलाज के लिए अस्पताल तक जाने के लिए इन एंबुलेंस पर ही निर्भर हैं। वहीं गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य सेवाएं इन दिनों वैसे भी गड़बड़ा चुकी हैं, उन पर भी यह हड़ताल असर डालेगी।

सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
राजस्थान एम्बुलेंस कर्मचारी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष विरेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि हमने हर बार आंदोलन में सरकार के आश्वासन से काम चलाया है। लेकिन एम्बुलेंस कर्मचारियों की मांगों को आज तक पूरा नहीं किया गया है। शेखावत ने आरोप लगाया कि अक्टूबर 2019 से एम्बुलेंस कर्मचारियों को लगातार सिर्फ आश्वासन ही मिल रहे हैं। जबकि राजस्थान हाई कोर्ट एम्बुलेंस कर्मचारियों के वेतन में 20 फीसदी बढ़ोतरी के आदेश दे चुका है। उसके बावजूद अब तक एम्बुलेंस कर्मचारियों को सरकार द्वारा दिए गए आश्वासन पूरे नहीं किए गए हैं। इसलिये राज्य सरकार के इसी कथित वादाखिलाफी के रवैये के खिलाफ बुधवार 6 बजे से एम्बुलेंस सेवायें ठप कर दी गई है।

मजबूरन करनी पड़ी हड़ताल
वीरेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि एंबुलेंस वाहनों में समय पर डीजल नहीं डलवाना, मरम्मत कार्य समय पर नहीं करवाना, एंबुलेस वाहनों में कोरोना से सुरक्षा के लिए मास्क ग्लव्स, सेनेटाइजर इत्यादि उपलब्ध नहीं करवाना, एंबुलेंस कर्मचारियों को बिना कारण कंपनी के अधिकारीयों की ओर से परेशान करना, खटारा एंबुलेंस वाहनों को जबदस्ती चलवाना व उनका डीजल एवरेज के लिए परेशान किया जाता है तथा वेतन वृद्धि रोकने से एंबुलेंस कर्मचारी नाराज हैं। शेखावत ने कहा कि यूनियन की मांगों पर एक साल से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। इसलिए मजबूरन हड़ताल जैसा कदम उठाया जा रहा है।

ये हैं एंबुलेंस कर्मचारियों की मांग
1. आने वाले नवीन निविदा में 20 फीसदी वेतन बढ़ोत्तरी।
2. नवीन निविदा में 8 घंटे ड्यूटी करना।
3. प्रति वर्ष वेतन बढ़ोत्तरी।
4. इसी महीने 20 फीसदी वेतन में बढ़ोत्तरी ।