राजस्थान की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप और बयानों के तीर चलना कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के एक तीखे बयान ने प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज कर दी है.  राजधानी जयपुर के मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT) में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बिना नाम लिए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस पर तीखा सियासी हमला बोला है. केंद्रीय मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि बीजेपी तोड़फोड़ की राजनीति में विश्वास नहीं करती.  उन्होंने नाम न लेते हुए बस इशारों में तंज कसते हुए आगे कहा कि ऐसे काम भाजपा नहीं करती, बल्कि यह ‘जादूगरों’ का काम है और जादू करना कांग्रेस को ही आता है.

 गहलोत-पायलट विवाद के बीच आया बड़ा बयान

केंद्रीय मंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब राजस्थान की राजनीति में समय-समय पर चर्चा में रहने वाला अशोक गहलोत–सचिन पायलट विवाद एक बार फिर राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है. राजनीतिक गलियारों में वैष्णव की ‘जादूगर’ वाली टिप्पणी को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर इशारा माना जा रहा है. गौरतलब है कि गहलोत खुद कई बार सार्वजनिक मंचों से यह कह चुके हैं कि वे एक जादूगर परिवार से आते हैं और उन्हें राजनीति में’जादू करना’ आता है.

‘मोदी सरकार के 12 वर्ष’ की प्रेस वार्ता में उठा था सवाल

दरअसल, अश्विनी वैष्णव जयपुर में मोदी सरकार के 12 साल  पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे. इसी दौरान एक पत्रकार ने उनसे कांग्रेस के उन  पुराने आरोपों पर प्रतिक्रिया मांगी, जिसमें कहा जाता रहा है कि बीजेपी ने राजस्थान में गहलोत सरकार को अस्थिर करने या तोड़ने की कोशिश की थी.

इस सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि भाजपा इस प्रकार की राजनीति नहीं करती. वह सिद्धांतों पर चलने वाली पार्टी है. जो जनता के जरिए दिए गए जनादेश का सम्मान करती है. इसी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने ‘जादूगर’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि तोड़फोड़ के काम भाजपा नहीं करती, यह तो जादूगरों का काम है.

 जोधपुर का दिलचस्प कनेक्शन

अश्विनी वैष्णव के इस टिप्पणी को राजनीतिक हलकों में इस टिप्पणी को दिलचस्प बनाने वाला एक और तथ्य यह है कि अश्विनी वैष्णव और अशोक गहलोत, दोनों का संबंध जोधपुर से है.

जहां एक तरफ अशोक गहलोत के पिता पेशे से जादूगर थे और गहलोत की राजनीतिक जमीन जोधपुर रही है, वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव का जन्म और प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा भी जोधपुर में ही हुई थी. बाद में वैष्णव ने प्रशासनिक सेवा में कदम रखा, ओडिशा कैडर में शानदार काम किया और अब और  अब राजनीति में आने के बाद केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं. वर्तमान में वे मोदी सरकार में प्रमुख मंत्रियों में शामिल हैं.