
इंटरनेशनल नर्सेज़ डे के अवसर पर पूरे देश में नर्सिंग सेवाओं की भावना और समर्पण पर चर्चा रही । इसी बीच जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल जयपुर में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर कुमेश अपने समर्पित कामकाज और मानवीय दृष्टिकोण के कारण एक मिसाल बनकर उभरी हैं।
कुमेश कहती हैं कि नर्सिंग केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि इंसानियत का भाव है। मरीजों को परिवार मानकर उनकी सेवा करना ही हमारी असली पहचान है।
अस्पताल के सहकर्मियों के अनुसार, कुमेश हर मरीज के साथ वैसा ही व्यवहार करते हैं जैसा कोई अपने घर के सदस्य के साथ करता है धैर्य, करुणा और पूरी जिम्मेदारी के साथ।
कुमेश का मानना है कि मरीजों को मानसिक रूप से संभालना उतना ही जरूरी है जितना चिकित्सा उपचार देना। वे बताते हैं कि नर्सिंग स्टाफ का एक प्रेमपूर्ण व्यवहार भी मरीज की रिकवरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
नर्सिंग डे पर कुमेश का यह संदेश और उनकी कार्यशैली न केवल अस्पताल स्टाफ के लिए प्रेरणा बनी है, बल्कि इस पेशे में संवेदना और मानवता की मिसाल पेश करती है।





