
जयपुर. उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में राजस्थान ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए इंडिया जस्टिस रिपोर्ट में देश के बड़े राज्यों में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। यह रैंकिंग राज्य के बेहतर प्रदर्शन, मजबूत ढांचे और पारदर्शी कार्यप्रणाली का प्रमाण मानी जा रही है।
उपभोक्ता मामले मंत्री सुमित गोदारा ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में विभाग ने उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि यह सफलता विभाग के सतत प्रयासों और सुधारों का परिणाम है, जिसने प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान दिलाई है।
11 मापदंडों पर बेहतर प्रदर्शन के आधार पर यह स्थान मिला
इंडिया जस्टिस रिपोर्ट में राजस्थान को बजटीय प्रावधान, आधारभूत ढांचा, मानव संसाधन, कार्यभार प्रबंधन सहित कुल 11 मापदंडों पर बेहतर प्रदर्शन के आधार पर यह स्थान मिला है। राज्य सरकार ने उपभोक्ता न्याय प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए पिछले कुछ समय में कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए हैं।
दिसंबर 2023 के बाद से राज्य और जिला स्तर पर उपभोक्ता आयोगों में पारदर्शी प्रक्रिया के तहत लिखित परीक्षा द्वारा सदस्यों की भर्ती की गई है। इसके साथ ही मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए लक्ष्य तय किए गए हैं, जिससे लंबित मामलों को तेजी से निपटाने में मदद मिल रही है।
उपभोक्ता आयोगों के लिए नए भवनों का निर्माण भी किया
राज्य में उपभोक्ता आयोगों के लिए नए भवनों का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे बुनियादी सुविधाएं बेहतर हों और न्याय प्रक्रिया अधिक सुगम बने। खास बात यह है कि अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई की सुविधा भी शुरू की जा रही है। इससे दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले उपभोक्ताओं को बिना यात्रा किए न्याय मिल सकेगा।
मंत्री ने कहा कि इन सुधारों से न्याय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनी है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर उपभोक्ता को त्वरित और प्रभावी न्याय मिले और उनके अधिकारों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित हो।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में और सुधारों के जरिए राजस्थान उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा। यह उपलब्धि न केवल प्रशासनिक दक्षता को दर्शाती है, बल्कि उपभोक्ताओं के बढ़ते विश्वास का भी संकेत है।





