बाड़मेर। रविवार को रामकथा के दौरान तेज आंधी से जसोल में हुए पांडाल हादसे के बाद प्रदेश के नेताओं का पहुंचना लगातार जारी है। बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी बालोतरा पहुंचकर अस्पताल में भर्ती घायलों की कुशलक्षेम जानी तथा जसोल में मृतकों के घर जाकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद राजे घटनास्थल पर भी गईं जहां उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों व हादसे के कारणों की जांच कर रहे पुलिस कर्मचारियों से घटना की विस्तृत जानकारी ली।


राज्य सरकार द्वारा दी गई सहायता राशि नाममात्र
भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे जब घायलों से मिलने अस्पताल पहुंची तो परिजनों ने उन्हें चेक दिखाते हुए सरकार द्वारा दी गई सहायता राशि को कम बताया। इस पर राजे ने उपखंड अधिकारी को कम मिली आर्थिक सहायता का कारण पूछा तो उन्होने बताया कि पीड़ितों को दी गई राशि राज्य सरकार के निर्देशानुसार दी गई है। राजे ने इस पर रोष जताते हुए कहा कि सरकार द्वारा मृतकों को दी गई राशि में 4 लाख राष्ट्रीय तथा 1 लाख राज्य आपदा प्रबंधन की है, जो नाकाफी है। ऐसे में राज्य सरकार को हादसे में जान गंवाने लोगों के परिजनों को उचित मुआवजा देना चाहिए।

अव्यवस्थित आयोजन के लिए पुलिस-प्रशासन पर उठे सवाल
मृतकों के परिजनों से मुलाकात के दौरान लोगों ने आयोजक संस्था पर आरोप लगाते हुए राजे को बताया कि ना तो पांडाल को ढंग से लगाया गया था और ना ही वहां व्यवस्थाएं ठीक थी। हवा की रफ्तार इतनी तेज नहीं होने के बावजूद पांडाल का 15 फीट ऊपर उठना बताता है कि टैंट की फीटिंग ढंग से नहीं की गई थी, वहीं बिजली के तारों को भी सही से नहीं बांधा गया था, जिससे पांडाल गिरते ही हर तरफ करंट दौड़ गया। राजे ने इस दौरान पीड़ितों की मुखर आवाज बनते हुए कहा कि सरकार को हादसे के कारणों का पता लगाकर दोषियों पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो।

कांस्टेबल गोमाराम व दौलाराम का जज्बा सराहनीय
घटनास्थल के मुआयने के दौरान लोगों ने राजस्थान पुलिस के जवान गोमाराम और दौलाराम द्वारा हादसे के समय लोगों को बचाने की घटना का जिक्र किया। जिस पर राजे ने कहा कि दोनों जवानों ने अपनी जान जोखिम में डालकर पांडाल में फैल रहे करंट को रोकने का सफल प्रयास किया। उनकी हिम्मत व शौर्य पर हमें गर्व है जिससे कई लोगों की जान बचना संभव हो सका। साथ ही स्थानीय नागरिक अक्षय भूटानी द्वारा किए गए राहत कार्यों की भी प्रशंसा की।


हादसा अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, घटना की पुनरावृत्ति ना हो
वसुंधरा राजे ने बाड़मेर दौरे के अंत में कहा कि जलोल में धार्मिक अनुष्ठान के दौरान अचानक मौसम बिगड़ जाने से हुआ यह हादसा अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है, कष्ट की इस घड़ी में हम सभी पीड़ित परिवारों के साथ हैं। साथ ही उन्होनें प्रशासन से अनुरोध किया कि वे अपनी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करें ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृति ना हो। वसुंधरा राजे के अलावा नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने भी जसोल पहुंचकर घायलों की कुशलक्षेम जानी तथा मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाया।