

अविश्वसनीय लेकिन सच है। राजस्थान में राजधानी जयपुर की सड़कों पर कुछ ही महीनों में इलेक्ट्रिक बसें दौड़ती नजर आएंगी। जयपुर अब महानगरों की श्रेणी में शामिल होने को तैयार है जिनकी जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है। सड़कों पर बढ़ती वाहनों की संख्या और बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए ऐसा किया जा रहा है। इसी साल अप्रैल-मई तक जयपुर सहित दिल्ली, इंदौर और अहमदाबाद में इलेक्ट्रिक बसें दौड़ने लगेंगी। मार्च, 2018 तक इलेक्ट्रिक बसों की खरीदारी का काम पूरा हो जाएगा। प्रदूषण मुक्त भारत के लिए भारी उद्योग मंत्रालय सार्वजनिक इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए सब्सिडी दे रहा है। अगर ऐसा होता है तो जयपुर उन महानगरों की लिस्ट में शामिल हो जाएगा जिनमें इलेक्ट्रिक बसें चलती हैं। इससे न केवल प्रदूषण कम होगा, साथ ही अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस संबंध में मंत्रालय ने 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों मे इलेक्ट्रिक बसों को सार्वजनिक परिवहन में शामिल करने के लिए एक्सप्रेशन आॅफ इंट्रेस्ट जारी किया है। जयपुर सहित इंदौर, अहमदाबाद, बेंगलुरू, मुंबई, लखनउ, कोलकाता व हैदराबाद में 40-40 इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी। बसों के साथ इलेक्ट्रिक चार्जर के लिए अलग से पैसा दिया जाएगा। सब्सिडी के लिए शहर की जनसंख्या जनगणना 2011 के अनुसार 10 लाख से अधिक होनी चाहिए। वर्ष 2016 के आंकड़ों के मुताबिक शहर की हवा में प्रदूषण का औसत 2.5PM होना चाहिए।
आपको बता दें कि फिलहाल जयपुर की सड़कों पर 150 से ज्यादा लो-फ्लोर बसें दौड़ रही हैं। प्राइवेट और मिनी बसों के साथ अन्य वाहनों की संख्या अनगिनत है। लेकिन सबसे ज्यादा धुआं व प्रदूषण की वजह लो-फ्लोर बसों को माना जा रहा है। ऐसे में अगर 40 इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतरेंगी तो कुछ फायदा तो जरूर होगा। सरकार के इस कदम से इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को भी बढ़ावा मिलेगा जिससे प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी।





