
कौन है सांवरिया सेठ
सांवरिया सेठ भगवान श्रीकृष्ण का ही एक रूप हैं, जिन्हें राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित सांवलिया जी मंदिर में पूजा जाता है, जहां उन्हें व्यापारियों और भक्तों का इष्टदेव माना जाता है और भक्त उन्हें अपना ‘बिजनेस पार्टनर’ बनाकर अपनी आय का हिस्सा चढ़ाते हैं, क्योंकि उनका सांवला (गहरा काला) रंग होता है और वे भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं.150 से ज़्यादा कर्मचारी गिनने में हुए हैं लगे
राजभोग आरती के बाद मंदिर बोर्ड के CEO और प्रेसिडेंट की मौजूदगी में भंडार खोला गया. नोटों को बोरियों में भरकर सत्संग हॉल ले जाया गया, जहां सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक 150 से ज़्यादा कर्मचारी नोटों को छांटने और गिनने में लगे हुए हैं. दान की रकम में ट्रांसपेरेंसी बनाए रखने के लिए, CCTV और मैनुअल कैमरों से पूरी गिनती वाली जगह पर कड़ी नजर रखी जा रही है. नोटों के ढेर से 500, 200 और 100 रुपये के अलग-अलग बंडल बनाकर नोट गिने जा रहे हैं.
अभी बाकी है गिनती
बता दें कि इस महीने खुले मासिक भंडार में पहले फेज में 10 करोड़ 25 लाख रुपये, दूसरे में 5 करोड़ 54 लाख 25 हजार रुपये, तीसरे में 6 करोड़ 43 लाख 25 हजार रुपये और चौथे में 4 करोड़ 59 लाख 15 हजार रुपये के दान की गिनती हुई.भेंट कक्ष, ऑफिस, ऑनलाइन, मनीऑर्डर से मिले दान





