राजस्थान सरकार व्यापारियों और उद्यमियों के लिए अब नई ट्रेड पॉलिसी लाने जा रही है। स्थानीय व्यापार को बढ़ाने और सुविधाजनक बनाने के साथ ही दूसरे राज्यों के निवेशकों को आकर्षित करने के लिए इसी पॉलिसी में ऐसे कई प्रावधान किए जा रहे हैं। उद्योग विभाग इसका ड्रॉफ्ट तैयार कर रहा है।

 

प्रदेश को प्रमुख ट्रेड हब के रूप में विकसित करने की योजना

भजनलाल सरकार की मंशा है कि इस नीति से व्यापारिक माहौल को बेहतर बनाकर प्रदेश को प्रमुख ट्रेड हब के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए व्यापारिक संगठनों, स्थानीय व्यापारी, लघु औद्योगिक इकाइयों के संचालनकर्ताओं से संवाद कर सुझाव लिए जा रहे हैं। व्यापारी भी मांग करते रहे हैं कि नीतियों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो।

 

दूसरे राज्यों की पॉलिसी का भी अध्ययन

अफसर दूसरे राज्यों की ट्रेड व इससे जुड़ी पॉलिसी का भी अध्ययन कर रहे हैं। गुजरात, मध्यप्रदेश राज्यों की पॉलिसी पर ज्यादा फोकस है। इस संबंध में अफसरों की उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव से भी चर्चा हुई है।

प्रोत्साहन व इन्फ्रा सपोर्ट पर मंथन

1- माइक्रो लेवल पर व्यापार करने वालों (होलसेलर, रिटेलर) को ब्याज अनुदान।
2- स्थानीय व्यापार को संरक्षण।
3- मंडियों, वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्ट सुविधाएं कैसे और कहां विकसित हो।
4- नए उद्योग लगाने वालों को कितनी सब्सिडी या टैक्स में छूट दी जाए।
5- ई-कॉमर्स का दायरा बढ़ाने के लिए एक्सपर्ट का सहयोग।
6- विशेष उत्पादों के लिए ट्रेड क्लस्टर या स्पेशल जोन विकसित करना।
7- अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देने की रणनीति।