
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत अपील के बाद बीजेपी शासित राज्यों में पेट्रोल-डीजल और ईंधन बचत को लेकर बड़े-बड़े फैसले लिये जा रहे हैं. राजधानी दिल्ली में जहां सारे सरकारी कार्यक्रम रद्द कर दिये गए हैं. वहीं सरकारी और प्राइवेट ऑफिसों में दो दिन वर्क फ्रॉम होम का प्रावधान किया है. जिससे की ईंधन की ज्यादा से ज्यादा बचत हो. इसी तरह से राजस्थान सरकार भी ईंधन बचत को लेकर एक के बाद एक बड़े फैसले ले रही है. जहां सीएम से लेकर कैबिनेट मंत्रियों और नेताओं ने अपना काफिला छोटा कर लिया है. वहीं अब राजस्थान में बड़े कार्यक्रमों को रद्द करने का फैसला लिया जा रहा है.
अब राजस्थान सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में 23 से 25 मई तक आयोजित होने वाली ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट ‘ग्राम-2026′ को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का विवेकपूर्ण उपयोग करने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने और कारपूलिंग को बढ़ावा देने की अपील की है. इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने ग्राम-2026 जैसे बड़े आयोजन को कुछ समय के लिए टालने का फैसला किया है.
सरकार के अनुसार इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में किसान, कृषि विशेषज्ञ और देश-विदेश के उद्यमियों के शामिल होने की संभावना थी. ऐसे में आयोजन स्थगित करने से आवागमन और लॉजिस्टिक्स में उपयोग होने वाले ईंधन की बचत होगी.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार अब बड़े सरकारी कार्यक्रमों की संख्या कम करने, वर्चुअल बैठकों को बढ़ावा देने और सरकारी वाहन उपयोग में किफायत बरतने की दिशा में काम कर रही है.
उन्होंने आमजन से भी ईंधन बचत में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि बूंद-बूंद से सागर बनता है. यदि हर व्यक्ति थोड़ा-थोड़ा संयम बरते तो ईंधन खर्च में बड़ा अंतर लाया जा सकता है.





