प्रदेश में भाजपा सरकार के दो साल का कार्यकाल पूरा होने के उपलक्ष्य में शनिवार को कार्यक्रमों के शुरुआत के अवसर पर ही विवाद हो गया। इस दौरान विधायकों और प्रशासन के बीच समन्वय की कमी सामने आई। बीकानेर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक जेठानंद व्यास सहित तीन भाजपा विधायकों के पहुंचने से पहले ही प्रचार वाहन रवाना कर दिए गए। यह विवाद तब और गरमा गया, जब कलक्ट्रेट के सभाकक्ष में कुर्सी खाली नहीं पाकर विधायक व्यास खड़े रहे।

 

असल में जिला कलक्टर कार्यालय के सामने जिला प्रभारी मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर, विधायक सिद्धि कुमारी और जिला कलक्टर नम्रता वृष्णि ने सरकार के प्रचार वाहनों को सुबह 11 बजे से पहले ही हरी झंडी दिखाकर रवाना कर दिए। जब विधायक जेठानंद व्यास पहुंचे तो उन्हें कार्यक्रम हो चुका होने की जानकारी मिली। ऐसे में विधायक व्यास सीधे कलक्ट्रेट सभागार में पहुंच गए, जहां प्रभारी मंत्री व अधिकारी प्रेस ब्रीफिंग कर रहे थे।

 

यहां भी विधायक को लगा झटका

यहां विधायक को दूसरा झटका तब लगा जब सभागार में उनके लिए कुर्सी खाली नहीं मिली। विधायक व्यास चुपचाप प्रभारी मंत्री व जिला कलक्टर के पीछे जाकर खड़े होकर अपनी मूक आपत्ति दर्ज करवा दी। इसके बाद कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी और खाजूवाला विधायक विश्वनाथ मेघवाल भी सभा कक्ष में पहुंचे। हालांकि बाद में सभी विधायक कुर्सी पर बैठे और पूरे समय कार्यक्रम में मौजूद भी रहे।