भरतपुर। भरतपुर जिले के गांव अलग गांव में बदलाव पॉइंट फाउंडेशन किसानों को प्राकृतिक फसल और जैविक खेती के प्रति जागरूक करने के लिए गांव–गांव अभियान चला रहा है। इस अभियान में संगठन के युवा लगातार खेतों में जाकर किसानों को रासायनिक खाद और पेस्टिसाइड के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

फाउंडेशन के निदेशक मनीष कुमार चौधरी ने बताया कि अत्यधिक रासायनिक खाद और पेस्टिसाइड के उपयोग से जमीन की उर्वरक क्षमता कम होती जा रही है, जिसके कारण खेत धीरे–धीरे बंजर बनते जा रहे हैं। इसका सीधा असर न सिर्फ फसलों की गुणवत्ता पर पड़ता है बल्कि मानव स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव दिखाई दे रहे हैं।

फाउंडेशन के संरक्षक रिंकू सिंह (तेजवीर) ने बताया कि प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाकर किसान अपनी जमीन की सेहत बचा सकते हैं और शुद्ध, रसायन-मुक्त फसल तैयार कर सकते हैं। उन्होंने अधिक से अधिक किसानों से इस अभियान से जुड़ने और स्वस्थ खेती की दिशा में प्रेरित होने की अपील की।