आयरलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री लियो एरिक वराडकर अपनी किताब ‘स्पीकिंग माई माइंड’ पर बात करने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में आए. उन्होंने जिओपॉलिटिक्स पर भी बात की. उन्होंने अपना जन्मदिन भी मनाया. जब उनसे नेता की तरह अनुभव पर पूछा तो उन्होंने कहा कि कई बार ऐसा होता है, जब आप पर हमेशा लोगों की नजर रहती है तो निजता की भी समस्या रहती है. उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में राजनेता सिक्योरिटी से घिरे रहते हैं, इसलिए लोगों का उन तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है. ऐसा आयरलैंड में नहीं है.
उन्होंने ब्रेग्जिट पर चर्चा करते हुए कहा, “मैंने तीन ब्रिटिश प्रधानमंत्रियों के साथ उस दौर में काम किया है, जब ब्रिटेन के लोगों ने बहुत तेजी से प्रधानमंत्री बदले. ऋषि सुनक ऐसे व्यक्ति हैं, जो आपके साथ बिजनेस करना चाहते हैं, लेकिन पहल नहीं करेंगे.”
“राजनीति में उतार-चढ़ाव होते हैं”
उन्होने कहा, “राजनीति में उतार-चढ़ाव होते हैं. कई बार पत्रकारों को खबरें मिल जाती हैं, लेकिन राजनीति में खबरें लीक होती रहती हैं. एक समय आया जब पुलिस ने करीब एक हफ्ते मुझसे पूछताछ की. वह मुश्किल समय था. ना केवल इसलिए कि मेरा कॉन्फिडेंस कम हुआ, इसलिए भी कि मुझसे गलती हुई. मैंने किसी को वो बात बताई, जो मुझे नहीं बतानी चाहिए थी.”
“वैक्सीनेशन में भी हमनें बेहतर काम किया”
उन्होंने कहा, “कोविड के समय में आयरलैंड में मौतों का आंकड़ा बहुत कम रहा. हमने सही समय पर नीतियां बनाई और लागू की. वैक्सीनेशन में भी हमनें बेहतर काम किया. जब मुझे डॉक्टरों ने कोविड़ से पहले रिपोर्ट दिखाई तो उस रिपोर्ट ने मुझे परेशान कर दिया. क्योंकि, कई बार एक डॉक्टर के सामने बहुत मुश्किल निर्णय लेने का समय आता है. आप ICU में उस व्यक्ति को रखते हैं, जो सबसे ज्यादा बीमार हो, लेकिन उस व्यक्ति को सही होने में 20 दिन लग सकते हैं. इन सब बातों ने मुझे डराया.
अमेरिका के संबंधों पर उन्होंने कहा, “ट्रंप एक ऐसे राजनेता हैं. ऐसा लगता है जैसे किसी राजा से मिल रहे हो. अच्छी बात रही कि उनके सामने घुटने टेककर नमस्कार नहीं करना पड़ता. लेकिन उनके पिछले टर्म और इस टर्म में काफी अंतर है.” लियो एरिक वराडकर ने कहा, “पहले टर्म में वे चेक एंड बैलेंस करते थे. अब वे ऐसा नहीं कर रहे हैं. वैसे भी वे नोबल पीस प्राइज चाहते हैं. तो मुझे नहीं लगता कि वे किसी को उनसे चुराने देंगे. मुझे लगता है कि किसी का भी घर केवल रियल एस्टेट बिजनेस के लिए नहीं ले लेना चाहिए. इसलिए ग्रीनलैंड की स्थिति पर मुझे चिंता है.”
उन्होंने कहा, “अगर वे ग्रीनलैंड पर अधिकार करने की कोशिश करते हैं तो यह चिंताजनक है. जैसे वे अपने भाषणों में कहते हैं कि यह टर्म टेरिटोरियल एक्सपेंशन के लिए है. वे अपनी तुलना जेम्स के पोक से करते हैं. उन्हें लगता है कि वो अगले राष्ट्रपति होंगे, जो अमेरिका की सीमाओं को बढ़ाएंगे तो मुझे लगता है यह हम सभी के लिए मुश्किल होने वाला है.