क्यों खास है 15 जनवरी?

हर साल 15 जनवरी को ‘सेना दिवस’ मनाया जाता है. इसी दिन साल 1949 में फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा ने अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ जनरल फ्रांसिस बुचर से भारतीय सेना की कमान संभाली थी. आज जयपुर में होने वाला यह आयोजन उसी गौरवशाली विरासत और आधुनिक भविष्य का संगम है.

‘भैरव बटालियन’ होगी आकर्षण

आज की परेड में पूरी दुनिया की नजरें ‘भैरव बटालियन’ पर टिकी होंगी, जो पहली बार सार्वजनिक रूप से दुनिया के सामने आएगी. आधुनिक हाइब्रिड युद्ध की बदलती प्रकृति को देखते हुए इस यूनिट का गठन किया गया है. यह पैरा स्पेशल फोर्सेस और नियमित इंफेंट्री के बीच एक ‘ब्रिज’ का काम करती है. यह बटालियन विशेष रूप से ड्रोन-आधारित युद्ध और मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस के लिए ट्रैंड है. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के अनुभवों ने इस बटालियन की नींव रखने में अहम भूमिका निभाई है. कठिन और दुर्गम इलाकों में दुश्मन के ठिकानों पर सटीक और त्वरित हमला करने की क्षमता इसे सबसे अलग बनाती है.

जमीन से आसमान तक भारत की धमक

आज की परेड में सेना अपनी अत्याधुनिक युद्धक प्रणालियों का प्रदर्शन करेगी.

1. मिसाइल और रॉकेट सिस्टम

  • ब्रह्मोस (BrahMos): 800 किमी की मारक क्षमता वाली दुनिया की सबसे घातक क्रूज मिसाइल.
  • पिनाका (Pinaka): गाइडेड रॉकेट सिस्टम, जो 120 किमी तक सटीक हमला कर सकता है.
  • SMERCH और BM-21 ग्राड: दुश्मन के खेमे में तबाही मचाने वाले मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर.

2. एयर डिफेंस और ड्रोन वॉरफेयर

  • आकाशतीर (Akashteer): स्वदेशी सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली, जिसने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान तुर्की और चीनी मूल के ड्रोन्स को मार गिराकर वैश्विक ध्यान खींचा था.
  • कामिकाजे ड्रोन्स (Kamikaze Drones): मिनी हार्पी, हारोप और स्काई स्ट्राइकर जैसे ‘सुसाइड ड्रोन्स’ आज मुख्य आकर्षण होंगे.
  • MUM-T तकनीक: पहली बार सैनिक और मानवरहित वाहन (UGVs) एक साथ तालमेल बिठाते हुए दिखाई देंगे.

3. बख्तरबंद शक्ति और हेलीकॉप्टर

  • अपाचे और प्रचंड: सेना के बेड़े में हाल ही में शामिल हुए अपाचे (Apache AH-64E) और स्वदेशी प्रचंड (LCH) हेलीकॉप्टर आसमान में अपनी कलाबाजी दिखाएंगे.
  • T-90 भीष्म: भारतीय सेना का मुख्य युद्धक टैंक ‘भीष्म’ अपनी ताकत का प्रदर्शन करेगा.

रोबोटिक म्यूल्स और भविष्य की सेना

भविष्य के युद्ध को ध्यान में रखते हुए, आज परेड में रोबोटिक डॉग्स और UGVs (Unmanned Ground Vehicles) जैसे सैपर स्काउट और ऐरावत-1000 को भी प्रदर्शित किया जाएगा. ये मशीनें कठिन परिस्थितियों में सैनिकों के लिए रसद पहुंचाने और रेकी करने का काम करती हैं.

वेटरन्स को सम्मान, कल की शाम थी खास

परेड से पहले, बुधवार शाम को जयपुर मिलिट्री स्टेशन में थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ‘इन्वेस्टिचर सेरेमनी’ में वीरता पुरस्कार प्रदान किए. 10 सेना मेडल (वीरता) दिए गए. ऑपरेशन सिंदूर में अदम्य साहस दिखाने वाली 26 यूनिट्स को विशेष साइटेशन (Citations) प्रदान किए गए.