
हर साल माघ मास के शुक्लपक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी मनाई जाती है. इस दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है. जिसमें भक्त मां शारदा से विद्या का दान मांगते है. इसके अलावा इस दिन विवाह, गृह निर्माण, नए कार्य की शुरुआत या अन्य मांगलिक कार्य बिना मुहूर्त देखे भी किए जा सकते हैं. इस साल बसंत पंचमी की तिथि को लेकर बहुत असमंजस है. क्योंकि पिछले कुछ सालों से यह फरवरी के महीने में मनाई जा रही थी, लेकिन इस बार योग जनवरी में बना है. इसलिए कोई इस महीने में 23 तो कोई 24 को बसंत पंचमी बता रहा है. आइए सही तिथि और शुभ मुहूर्त जानते हैं.
कब है बसंत पंचमी?
हिंदू पंचांग के अनुसार, बसंत पंचमी की तिथि 23 जनवरी को देर रात 02.28 बजे प्रारंभ होगी और 24 जनवरी को रात 01.46 बजे इसका समापन होगा. सनातन धर्म में सारे त्योहार उदिया तिथि के आधार पर मनाए जाते है. इसलिए आने वाली 23 जनवरी ( शुक्रवार) को यह पर्व मानाया जाएगा.
सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषविदों के अनुसार, बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा सूर्योदय के बाद और मध्याह्न (दोपहर) से पहले करना अत्यंत फलदायी होता है. इसी कारण पूजा का सबसे शुभ समय 23 जनवरी को सुबह 07:13 AM से दोपहर 12:33 PM तक रहेगा. यानी पूजा के लिए कुल अवधि लगभग 5 घंटे 20 मिनट की रहेगी.
पूजा की सरल और सटीक विधि
पूजा के शुभ मुहूर्त के साथ साथ मां शारदा की पूजन विधि को सटीक तरीके से भी जानना जरुरी है, तो चलिए तिथि और शुभ मुहूर्त के बाद जानते है बसंत पंचमी पर मां सरस्वती पूजा की सरल और सटीक विधि.





