राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र का आखिरी दिन हंगामेदार रहा. प्रश्नकाल के दौरान सदन में उस समय अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई, जब पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग के बीच ‘संसदीय परंपराओं’ को लेकर ठन गई. मामला सीकर मेडिकल कॉलेज से जुड़ा था, लेकिन बहस सदन के नियमों और स्पीकर के अधिकारों पर जा टिकी.

क्या था पूरा मामला 

धोद के विधायक गोरधन वर्मा ने सीकर मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं के विस्तार को लेकर सदन में सवाल लगाया था. जिसमें विधायक ने चिकित्सा मंत्री के जरिए  जिले के सांवली में इसी मेडिकल कॉलेज की तैयार हो रही नई बिल्डिंग को कब तक शिफ्ट करने को लेकर सरकार की राय जाननी थी. चूंकि डोटासरा स्वयं सीकर जिले की लक्ष्मणगढ़ सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए उन्होंने इस विषय पर पूरक प्रश्न पूछने की इच्छा जताई थी जैसे ही स्पीकर वासुदेव देवनानी ने डोटासरा को बोलने की अनुमति दी, सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग अपनी सीट पर खड़े हो गए और उन्होंने डोटासरा के बोलने पर कड़ा ऐतराज जताया. वही मुख्य सचेतक के ऐतराज को दरकिनार करते हुए स्पीकर वासुदेव देवनानी ने उन्हें यह कह कर बैठा दिया कि, डोटासरा उनकी अनुमति से ही बोल रहे हैं.

सदन की यह परंपरा के लेकर जताया एतराज

मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने ऐतराज जताते वक्त तर्क दिया कि सदन की यह परंपरा नहीं रही है कि नेता प्रतिपक्ष के अलावा विपक्ष का कोई अन्य प्रमुख नेता हर प्रश्न पर पूरक प्रश्न पूछे. गर्ग के इस विरोध से सदन में कुछ देर के लिए गतिरोध पैदा हो गया. स्पीकर देवनानी के दखल देने के बाद स्थिति संभली और डोटासरा ने अपना प्रश्न पूछा. जिसमें उन्होंने  बिल्डिंग में शिफ्टिंग को लेकर तर्क दिया. उन्होंने कहा कि  मेडिकल कॉलेज के लिए नई बिल्डिंग की पहली इमारत बन गई है, तो अब उसे नए भवन में शिफ्ट कर दिया जाना चाहिए.  बाद में ऊपर की मंजिल पर काम चलता रहेगा.

जून तक काम पूरा कर लिया जाएगा – चिकित्सा मंत्री

उनके इस सवाल के जवाब पर चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने जवाब देते हुए कहा कि जल्द ऊपर की मंजिल का भी काम पूरा हो जाएगा. सरकार की कोशिश यही है कि थोड़े दिनों में गवर्नमेंट हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज को नई बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया जाए.  चिकित्सा मंत्री ने आगे कहा की नई मशीनें भी आ रही हैं, ऐसे में पूरी तैयारी के साथ में जून तक काम पूरा कर लिया जाएगा.

आसन की अनुमति से सदन बोलते है सदस्य- टीकाराम जूली

इसके बाद गोविंद डोटासरा ने फिर से पूरक प्रश्न करने की कोशिश की, लेकिन स्पीकर ने उन्हें बैठा दिया. हालांकि जागेश्वर गर्ग के ऐतराज की बात नेता प्रतिपक्ष को भी अखरी , लिहाजा  टीकाराम जूली ने यह जरूर कहा कि जो भी सदस्य सदन में बोलते हैं, वह आसन की अनुमति से बोलते हैं और आसन का आदेश सर्वोपरि है. जूली ने कहा कि आसन के आदेश की पालना सभी को करनी चाहिए.