
उन्होंने समय के महत्व पर जोर दिया और बताया कि फर्स्ट रिस्पॉन्डर की भूमिका कितनी अहम है. ऐसे प्रशिक्षणों से ऑपरेटरों के कौशल बढ़ेंगे और साइबर अपराध रुकेंगे. उन्होंने सलाह दी कि तकनीक से अपडेट रहें और पीड़ितों की मदद में कोई कसर न छोड़ें.
सम्मान और विशेष पल, उत्कृष्टता को सलाम
समारोह में डीजीपी राजीव शर्मा और एडीजी साइबर क्राइम विजय कुमार सिंह ने शानदार काम करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र और यादगार चीजें देकर सम्मानित किया.
साइबरपीस के संस्थापक मेजर विनीत कुमार ने बताया कि ऐसे तकनीकी प्रशिक्षण पुलिस को नई चुनौतियों से लड़ने के लिए सशक्त बनाते हैं.
दक्षता और इंसानियत का मेल
यह दो दिनों की वर्कशॉप मुख्य रूप से 1930 हेल्पलाइन ऑपरेटरों की तकनीकी और व्यावहारिक स्किल्स बढ़ाने पर केंद्रित थी. विशेषज्ञों ने गोल्डन ऑवर के बारे में समझाया जहां शुरुआती घंटों में तेज कार्रवाई से पीड़ित की रकम फ्रीज की जा सकती है.






