जयपुर। संगीत की दुनिया में कुछ रचनाएँ समय के साथ धूमिल नहीं पड़तीं, बल्कि हर दौर में अपनी प्रासंगिकता बनाए रखती हैं। ऐसी ही एक रचना है गायिका एवं गीतकार मनु गहलोत का गीत मानवता, शांति एवं सामाजिक जागरूकता का संदेश देने वाले गीत के रूप में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है।

बचपन से ही संगीत के प्रति विशेष रुचि रखने वाली मनु गहलोत ने अपनी गायिकी और लेखन के माध्यम से समाज से जुड़े विषयों को स्वर दिया है। उनका यह गीत युद्ध की विभीषिका, मानवीय संवेदनाओं और शांति के संदेश को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।

वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में यह गीत एक बार फिर चर्चा में है। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लोग इसे लगातार साझा कर रहे हैं। गीत के भावपूर्ण बोल और संदेश नई पीढ़ी को भी आकर्षित कर रहे हैं, जिससे इसकी लोकप्रियता लगातार बनी हुई है।

मनु गहलोत का कहना है कि संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा देने का सशक्त साधन भी है। यही सोच उनके गीतों में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। “ये युद्ध है इस सदी का…” इसकी सबसे बड़ी मिसाल है.

मनु गहलोत के अन्य गीतों को भी श्रोताओं का भरपूर प्यार मिला है। देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत “तिरंगा हमारा लहराता रहे” गीत आज भी राष्ट्रीय पर्वों और विभिन्न आयोजनों में सुनाई देता है। वहीं राष्ट्रहित और वीर सैनिकों के साहस को समर्पित “मिशन सिंदूर” गीत भी काफी लोकप्रिय रहा है और श्रोताओं से व्यापक सराहना प्राप्त कर चुका है। इन गीतों ने मनु गहलोत को एक संवेदनशील और संदेशप्रधान गीतकार एवं गायिका के रूप में विशेष पहचान दिलाई है।