प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत राजस्थान में 55,667 नए आवास स्वीकृत किए गए हैं। स्वीकृत किए जा रहे घरों का पंजीकरण मुख्य रूप से परिवार की महिला मुखिया के नाम पर या पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर किया जा रहा है। यह जानकारी हाल ही में शहरी विकास कार्य मंत्रालय ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में दी है।

 

इसका सीधा उद्देश्य समाज के सबसे कमजोर तबकों जैसे विधवाओं, अकेले रहने वाली महिलाओं, दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों को न केवल सिर पर छत देना है, बल्कि उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से स्वतंत्र और सुरक्षित बनाना भी है।

 

बीकानेर ने मारी बाजी

जिलों में मची विकास की होड़ और आंकड़ों की दौड़ में बीकानेर जिला प्रदेश में सबसे आगे निकल गया है, जहां अकेले 8,094 आवासों को स्वीकृति मिली है। वहीं, अजमेर 2,348 और दौसा 1,934 आवासों की मंजूरी के साथ विकास की इस दौड़ में मजबूती से बने हुए हैं। राज्य के अन्य जिलों में भी आवेदन और सत्यापन का काम जारी है।

अंगीकार 2025′ ने बदली तस्वीर

योजना को जमीन पर उतारने में ‘अंगीकार 2025’ अभियान एक गेम-चेंजर साबित हुआ है। सितंबर और अक्टूबर 2025 के दौरान चले इस विशेष अभियान में अधिकारियों ने दफ्तरों से निकलकर लोगों के दरवाजों तक दस्तक दी। शहरी स्थानीय निकायों ने गली-मोहल्लों में जागरूकता अभियान चलाए और ‘आवास मेलों’ के जरिए पात्र नागरिकों का मौके पर ही रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित किया, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी आई है।