
झालावाड़ जिले के पिपलोदी गांव में घटे दर्दनाक स्कूल हादसे के बाद शुक्रवार को राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता वसुंधरा राजे मृतक बच्चों के परिजनों से मिलने पहुंचीं. इस हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है, जिसमें सरकारी स्कूल की जर्जर छत गिरने से मासूम बच्चों की मौत हो गई थी. हादसे के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और हर आंख नम है.वसुंधरा राजे ने पीड़ित परिवारों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया और इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया. वसुंधरा राजे के पास बच्चे फफक-फफक कर रोने लगे. बच्चों ने उन्हें घटना के बारे में सारी प-बीती सुनाई. वसुंधरा राजे ने न बच्चों का न सिर्प ढांढस बढ़ाया बल्कि शांत कराया और दुलारा भी.
उन्होंने कहा कि यह हादसा केवल एक लापरवाही का नतीजा नहीं, बल्कि सिस्टम की गंभीर विफलता को उजागर करता है. उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों की जर्जर होती हालत पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, जिसका खामियाजा अब मासूम बच्चों को अपनी जान गंवाकर भुगतना पड़ा है. इस दौरान भाजपा सांसद दुष्यंत सिंह और कई अन्य भाजपा नेता भी वसुंधरा राजे के साथ मौजूद रहे.
स्कूल हादसे को लेकर सभी नेताओं ने संयुक्त रूप से पीड़ित परिवारों से बातचीत की और उन्हें हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया. वसुंधरा राजे ने कहा कि इस मामले को विधानसभा और संसद में भी उठाया जाएगा ताकि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसे हादसे दोबारा न हो. उन्होंने अधिकारियों से भी इस हादसे की विस्तृत जानकारी ली और मौके पर मौजूद जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि राहत और मुआवजे की प्रक्रिया में कोई लापरवाही न हो. उन्होंने मांग की कि मृतक बच्चों के परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए और स्कूल की मरम्मत व पुनर्निर्माण की प्रक्रिया युद्ध स्तर पर शुरू की जाए.





