राजस्थान में स्वाइन फ्लू का कहर लगातार जारी है। प्रदेशभर में अब तक 107 लोगों की मौत हो चुकी है तो वहीं, पॉजिटिव का आंकड़ा तीन हजार के करीब पहुंच गया है। स्वाइन फ्लू को लेकर लगातार स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है। सरकारी जांच केंद्रों में स्वाइन फ्लू की जांच प्रक्रिया को निशुल्क कर दिया गया है बावजूद उसके प्रदेश के 33जिलों में से 31 जिले इसकी जद में आ चुके हैं। गहलोत सरकार और चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा के सारे दावें फेल होते जा रहे हैं।

सरकार और उसके मंत्री कह रहे हैं कि राजस्थान में स्वाइन फ्लू कंट्रोल में है लेकिन इन सब दावों के बीच एक हकीकत ये भी है कि बीते 40 दिनों में ऐसा एक भी दिन नहीं है जब स्वाइन फ्लू से किसी व्यक्ति की मौत नहीं हुई हों।
मुख्यमंत्री के गृहजिले जोधपुर में सबसे ज्यादा 27मौतें अब तक हो चुकी है। वहीं कोटा, बीकानेर, अजमेर, पाली और बाड़मेर में भी स्वाइन फ्लू दिन प्रतिदिन विकराल रूप लेता जा रहा है।

क्या है स्वाइन फ्लू

स्वाइन फ्लू एक तीव्र संक्रामक रोग है, जो एक विशिष्ट प्रकार के इनफ्लुएंजा वाइरस (एच-1 एन-1) से होता है। यह रोग बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं में तेजी से फैलता है इसलिए सर्दी, जुकाम, खांसी के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।

स्वाइन फ्लू में मरीज को जुकाम, गले में खराश, खांसी, ठंड लगना, पेट दर्द, बुखार, सिरदर्द, शरीर दर्द, थकान, व उल्टी दस्त की शिकायत रहती है। इस तरह के लक्षण दिखने पर चिकित्सकीय परामर्श लें एवं सर्दी जुकाम होने की स्थिति में भीड़-भाड़ से बचें।

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