विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री राजे जोधपुर से करेगी शंखनाद, कांग्रेस के गढ़ में होगा भाजपा का चुनाव मंथन

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राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के राजस्थान छोड़ने के बाद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और प्रदेश भाजपा ने पश्चिमी राजस्थान को भगवामय बनाने के लिए कमर कसनी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री राजे 2018 के विधानसभा चुनाव का बिगुल भी जोधपुर से ही बजाने जा रही है। इसके चलते जोधपुर में दो दिवसीय प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की जा रही है और एक मई को मुख्यमंत्री राजे के रोड़ शो से गहलोत के घर में मैडम का शक्ति प्रदर्शन होगा।

जिम्मेदारियों का होगा बटवारा, कसी कमर

2018 में होने वाले राजस्थान विधानसभा चुनाव हर नजरिए से भाजपा और कांग्रेस के लिए खास है। चुंकि प्रदेश कांग्रेस का गढ़ कहा जाने वाला पश्चिमी राजस्थान यानी जोधपुर से मुख्यमंत्री राजे इन चुनाव की रणनीती बना रही है। इन चुनाव को देखते हुए भाजपा और कांग्रेस ने आला नेताओं ने कमर कस ली है लेकिन राजस्थान में भाजपा के लिए मुख्यमंत्री राजे ही कमाल करने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री राजे ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर मंथन करना शुरू कर दिया है। जोधपुर की दो दिवसीय कार्यकारिणी की बैठक में राजे कार्यकारिणी सदस्यों के साथ जिम्मेदारियों का बंटवारा करेगी और चुनाव की तैयारियों का शंखनाद करेंगी।

राजे, परनामी सहित 225 नेता लेंगे बैठक में भाग

जोधपुर शहर के पाल रोड स्थित कस्तूरी होटल में होने जा रही प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में मुख्यमंत्री से लेकर 225 भाजपा के नेता भाग लेंगे। प्रदेश में विधानसभा चुनाव में अभी करीब डेढ़ साल से अधिक समय बाकी है, लेकिन सीएम राजे ने चुनावों की तैयारियां अभी से शुरू कर दी हैं। प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी और सीएम राजे दो दिन तक जोधपुर में भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक लेंगे।

पार्टी को बूथ स्तर पर मजबूती प्रदान करने पर जोर
इस बैठक में भाजपा बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत करने में जुटी है, जहां प्रदेश कार्यकरणी की बैठक होने जा रही है उस जगह को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। सीएम राजे रविवार को जोधपुर पहुंच रही हैं। दो दिवसीय इस बैठक में मुख्यमंत्री सहित भाजपा प्रदेशाध्यक्ष, कोर कमेटी के सदस्यों के साथ 200 से ज्यादा प्रतिनिधि व नेता जोधपुर पहुंच रहे हैं। कार्यकारिणी की बैठक के 6 सत्र होंगे। रविवार को तीन सत्र होंगे और एक मई को भी तीन सत्र होंगे। संगठन और कार्यकर्ताओं को अभी से चुनाव के लिए जनता के बीच भेजना और राज्य सरकार की फ्लेगशिप योजनाओं को जनता की आखरी पंगत तक ले जाने की रूप रेखा बनाने पर मंथन होगा।

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