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राजस्थान सरकार ने प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में काफी अच्छा विकास किया है। यही वजह है कि पिछले 5 साल में राज्य में 7 हजार स्कूल क्रमोन्नत किए गए हैं और राजस्थान की शिक्षा देश में 26वें से दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। यह जानकारी शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने दी है। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार ने प्रदेश में शिक्षा के उन्नयन का वादा पूरी गम्भीरता के साथ पूरा किया है। हमने राजस्थान की शिक्षा को नई ऊचांइयों तक पहुंचाया हैं।

शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि जब हम सरकार में आए तो राजस्थान में शिक्षा की स्थिति बेहद दयनीय थी। हम पूरे देश में शिक्षा के क्षेत्र में 26वें स्थान पर थे। राजस्थान सरकार ने प्रदेश की शिक्षा को बदलने के लिए पूरी ईमानदारी से प्रयास किए। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र से इस बदलाव की शुरूआत की गई। इससे पहले शिक्षा राज्यमंत्री ने अजमेर के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में चौरसियावास में नवनिर्मित कक्षा कक्षों का लोकार्पण किया।

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देवनानी ने कहा कि पिछले 5 साल में राजस्थान की शिक्षा में एक युग बदल गया है। हमने शिक्षकों की समस्याओं को समझा और उनके निराकरण के प्रयास किए। आजादी के बाद पहली बार सवा लाख से ज्यादा शिक्षकों को पदोन्नति दी। शिक्षकों के रिक्त पदों को नई भर्ती से भरा और स्कूलों को भौतिक संसाधन उपलब्ध कराए गए। इसी वजह से राजस्थान की शिक्षा ने सफलता के नए सोपानों को छुआ है।

उन्होंने मुख्यमंत्री की तारीफ करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे की सोच है कि शिक्षा को स्थानीय स्तर पर ही इतना सशक्त कर दिया जाए कि स्कूली शिक्षा के लिए विद्यार्थी को बाहर नहीं जाना पडे़। इसी सोच के साथ हमने प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर सीनियर सैकण्डरी स्तर का स्कूल खोला। ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों को क्रमोन्नत किया गया। राज्य में 7 हजार स्कूलों को क्रमोन्नत किया गया है। आजादी के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि बिना राजनीति भेदभाव एक साथ इतने विद्यालय क्रमोन्नत किए गए।

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