अब प्रदेश में एसटी-एससी वर्ग को लिपिक भर्ती के दोनों चरणों में मिलेंगी 5 प्रतिशत की छूट

राजे सरकार ने प्रदेश में एसटी-एससी वर्ग को लिपिक भर्ती के दोनों चरणों में 5 प्रतिशत की छूट देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राजस्थान विधानसभा में सोमवार को आयोजित राज्य मंत्रिमण्डल की बैठक में लिपिक ग्रेड द्वितीय एवं शीघ्र लिपिक पद पर सीधी भर्ती परीक्षा के दोनों चरणों में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों को न्यूनतम अर्हक अंकों में 5 प्रतिशत की छूट देने सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। अब राजस्थान में मंत्रालयिक सेवा संबंधी तीनों नियमों में नया प्रावधान करते हुए अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों को सीधी भर्ती परीक्षा के दोनों चरणों के न्यूनतम अर्हक अंकों में 5 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय किया गया है।

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Image: अब प्रदेश में एसटी-एससी वर्ग को लिपिक भर्ती के दोनों चरणों में मिलेंगी 5 प्रतिशत की छूट.

राजस्थान में मंत्रालयिक सेवा संबंधी इन तीनों नियमों में अब नया प्रावधान

संसदीय कार्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने सोमवार को राज्य विधानसभा के प्रेस कक्ष में मीडिया को मंत्रिमण्डल की बैठक के महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकरी दी। उन्होंने बताया कि राजस्थान अधीनस्थ कार्यालय लिपिकवर्गीय सेवा नियम 1999, राजस्थान सचिवालय लिपिकवर्गीय सेवा नियम 1970, राजस्थान लोक सेवा आयोग (लिपिकवर्गीय एवं अधीनस्थ) सेवा नियम और विनियम 1999 के अंतर्गत कनिष्ठ सहायक/लिपिक ग्रेड द्वितीय एवं शीघ्र लिपिक पद के लिए सभी अभ्यर्थियों को सीधी भर्ती परीक्षा के प्रथम चरण में 40 प्रतिशत तथा द्वितीय चरण में प्रत्येक पेपर में 36 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य किया गया है।

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यूजीसी नियमों से होगी तकनीकी विवि में कुलपति की नियुक्ति

राज्य में अब तकनीकी विवि में यूजीसी नियमों के अनुसार ही कुलपति की नियुक्ति की जाएगी। संसदीय कार्य मंत्री राठौड़ ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय कोटा एवं बीकानेर में स्थापित किए गए हैं। मंत्रिमण्डल की बैठक में इन विश्वविद्यालयों में कुलपति की नियुक्तियां विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार करने के लिए राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालयों की विधियां (संशोधन) विधेयक को विधानसभा में पुरः स्थापित किए जाने की अनुमति प्रदान की गई। प्रथम कुलपति की नियुक्ति का अधिकार भी राज्य सरकार को होगा।

 

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