राजस्थान: किसानों को राहत, मूंग एवं उड़द के लिये 29 अक्टूबर से पुनः शुरू होगा ऑनलाइन पंजीयन

राजस्थान के मूंग एवं उड़द उत्पादक किसानों को राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। दरअसल, मूंग एवं उड़द के उत्पादक सैकड़ों किसान गिरदावरी के अभाव एवं रजिस्ट्रेशन वेबसाइट पर दबाव के चलते अपनी उपज को समर्थन मूल्य पर बेचने के लिये अपना ऑनलाइन पंजीयन नहीं करवा पाए थे। राजफैड की प्रबंध निदेशक डॉ. वीना प्रधान ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि अब तक ऑनलाइन पंजीयन नहीं करा सके किसान 29 अक्टूबर से नजदीकी ई-मित्र केन्द्र या खरीद केन्द्र पर जाकर ऑनलाइन पंजीयन करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि कई किसानों ने खरीद के लिये 3 अक्टूबर से मूंग एवं उड़द के लिये पंजीयन करवाना प्रारम्भ करवाया था लेकिन किसानों द्वारा पंजीयन के दौरान मूल गिरदावरी अपलोड नहीं करवाई गई थी, ऐसे किसानों को गिरदावरी अपलोड कराने की सूचना दी गई थी।

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File-Image: मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे.

वेबसाइट पर दबाव होने से रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए थे सैकड़ों किसान

प्रदेश में मूंग एवं उड़द उत्पादक किसानों द्वारा गिरदावरी से अपलोड कराने से वेबसाइट पर अत्यधिक दबाव हो गया था जिससे नये किसानों के रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहे थे। अब रजिस्ट्रेशन से वंचित रहे किसान अपना पंजीयन करवा सकते हैं। राजफैड प्रबंध निदेशक डॉ. प्रधान ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश में राजफैड के माध्यम से 2.39 लाख मी.टन मूंग एवं 88 हजार 375 मी.टन उड़द की समर्थन मूल्य पर खरीद की जा रही है। उन्होंने बताया कि मूंग के लिये 6975 रुपए प्रति क्विंटल तथा उड़द के लिये 5600 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य निर्धारित है। उन्होंने बताया कि सोयाबीन एवं मूंगफली के लिये ऑनलाइन पंजीयन का कार्य जारी है।

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मूंग की 130 केन्द्रों तथा उड़द की 58 खरीद केन्द्रों पर होगी खरीदारी

डॉ. प्रधान ने बताया कि राजफैड द्वारा मूंग की खरीद के लिये 130 खरीद केन्द्र तथा उड़द के लिये 58 खरीद केन्द्र बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि किसान को मूंग एवं उड़द के समर्थन मूल्य पर बेचान के लिये ई-मित्र केन्द्र या खरीद केन्द्र के माध्यम से आधार कार्ड, भामाशाह कार्ड, जमाबंदी, गिरदावरी एवं बैंक पास बुक की डिटेल पोर्टल पर अपलोड कराना आवश्यक है।

 

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