विदेशों में मेला-प्रदर्शनियों के निर्यातकों को मिलेगी तीन लाख तक की वित्तीय सहायता

राजस्थान सरकार देश के बाहर मेला-प्रदर्शनियों में भाग लेने वाले प्रदेश के निर्यातकों को बढ़ावा देने के लिए बड़ी प्रोत्साहन राशि दे रही है। उद्योग एवं राजकीय उपक्रम मंत्री राजपाल सिंह शेखावत ने कहा है कि प्रदेश से निर्यात को बढ़ावा देने और विदेशों में आयोजित मेला प्रदर्शनियों में निर्यातकों को भाग लेने के लिए प्रेरित करने के लिए एक वर्ष में एक इकाई को तीन मेला प्रदर्शनियों में भाग लेने के लिए अधिकतम तीन लाख रुपये तक वित्तीय सहायता दी जा सकेगी।

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File-Image: विदेशों में मेला-प्रदर्शनी लगाने वाले प्रदेश के निर्यातकों को मिलेगी तीन लाख तक की वित्तीय सहायता.

अगले तीन वर्षों में 1 लाख 21 हजार करोड़ रुपये के निर्यात का लक्ष्य

उद्योग मंत्री शेखावत ने बताया कि प्रदेश से वर्ष 2016-17 में 40 हजार 776 करोड़ रुपये का निर्यात हो रहा था जिसे आने वाले वर्षों में तीन गुणा करते हुए एक लाख 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक का किए जाने के लक्ष्य के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि विदेशों में आयोजित होने वाले मेला प्रदर्शनियों में हिस्सा लेने वाली इकाइयों को 9 वर्गमीटर तक की स्टॉल पर चुकाए जाने वाले ग्राउण्ड रेंट/सहभागिता शुल्क पर 30 प्रतिशत की दर से अधिकतम एक लाख रुपये का पुनर्भरण राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। मंत्री ने बताया कि एक वर्ष में एक इकाई विदेश में आयोजित 3 इवेंट के लिए अधिकतम 3 लाख रुपए का पुनर्भरण राज्य सरकार से प्राप्त कर सकती है। यह सहायता राजस्थान उद्योग निवेश संवर्धन नीति के तहत उपलब्ध कराई जाएगी।

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राजस्थान के इन उत्पादों का होता है विदेश में निर्यात

उद्योग मंत्री शेखावत ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में विदेशों में आयोजित मेला प्रदर्शनियों में हिस्सा लेने वाली निर्यातक इकाइयां संबंधित जिले के जिला उद्योग केन्द्र में मय आवश्यक दस्तावेज के सहायता राशि के लिए तत्काल आवेदन कर सहायता राशि प्राप्त कर सकती है। उन्होंने बताया कि योजना का विस्तृत विवरण वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। उद्योग मंत्री शेखावत ने बताया कि राजस्थान से टैक्सटाइल्स, एग्रो एण्ड फूड़ प्रोडेक्ट्स, जेम एवं ज्वैलरी, इंजीनियरिंग, फेरस एवं नोन फेरस मेटल, डायमेंशनल स्टोन, मार्बल ग्रेनाइट आदि, मिनरल्स, कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर, केमिकल व एलाइड, दवाएं, प्लास्टिक लिनोलियम, हस्तशिल्प, रेडिमेड गारमेंट, कारपेट सहित विविध प्रकार के उत्पादों का निर्यात होता है। मंत्री शेखावत ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की इकाइयों को निर्यात प्रोत्साहन के लिए निर्यात पुरस्कार भी दिए जा रहे हैं।

 

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