राजस्थान सरकार ने 10,678 शिक्षा अधिकारियों को लैपटॉप देने की पहल शुरू की

राजस्थान के शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा है कि राज्य की ग्राम पंचायतों के विद्यालयों के उन्नयन के लिए वहां पदस्थापित पंचायत प्रारंभिक शिखा अधिकारियों (पीईईओ) को तकनीकी दृष्टि से सुदृढ़ करने की पहल की गयी है। इसके तहत सभी 9 हजार 894 पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों को लैपटॉप प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने बुधवार को राजस्थान प्रारंभिक शिक्षा परिषद् के सभागार में राज्य स्तरीय समारोह में प्रदेश के पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों को लैपटॉप दिए जाने के कार्य का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों को लैपटॉप दिए जाने से अब उनके कार्य में और गति आएगी तथा वे विद्यालयों की और प्रभावी ढंग से मोनिटरिंग कर पाएंगे।

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लैपटॉप से शाला दर्शन और शाला दर्पण पोर्टल को ऑनलाईन अपडेट रखा जा सकेगा

मंत्री देवनानी ने इस मौके पर कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर विद्यालयों की प्रभावी मोनिटरिंग, विद्यालयों के रिकॉर्ड को अद्यतन रखे जाने और तकनीक के इस्तेमाल से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सुनिश्चित किए जाने के लिए पीईईओ को लैपटॉप प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इससे शाला दर्शन और शाला दर्पण पोर्टल को ऑनलाईन अपडेट रखा जा सकेगा। उन्होंने पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों का आह्वान किया कि वे विद्यालयों की प्रभावी मोनिटरिंग किए जाने के साथ ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में राजस्थान को देश का अग्रणी राज्य बनाएं। शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा क्षेत्र में नवाचारों की जो पहल हुई, उसके परिणाम आने लगे हैं। उन्होंने कहा कि नवाचारों के तहत ही ग्राम पंचायतों में पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी लगाए गए हैं। शिक्षा विभाग में 2018-19 की सभी पदोन्नतियों को पूरा कर लिया गया है।

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10 हजार 678 शिक्षा अधिकारियों को सरकार द्वारा वितरण किया गया लैपटॉप

राजस्थान प्रारंभिक शिक्षा परिषद के आयुक्त डॉ. जोगाराम ने बताया कि 9 हजार 894 पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों सहित प्रदेश के 10 हजार 678 शिक्षा अधिकारियों को राज्य सरकार द्वारा लैपटॉप का वितरण किया गया है। उन्होंने बताया कि शहरी नोडल केन्द्रों में छात्र नामांकन की वरीयता के आधार पर उन्हें लैपटॉप वितरीत किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लैपटॉप दिए जाने का उद्देश्य यही है कि शिक्षा विभाग सूचना और संचार प्रौद्योगिकी से सुदृढ़ हो तथा तकनीक से शिक्षा अधिकारियों की कार्य में गति आए।

 

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